Site icon Lahar Chakra

West Bengal : ममता बनर्जी का ऐलान – नहीं मिलेगी वीआईपी को अलग सुविधा, सिग्नल पर आम लोगों के साथ रुकना होगा

कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में वीआईपी संस्कृति के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि अब कोई भी वीआईपी, चाहे वह मंत्री हो, अधिकारी हो या अन्य कोई बड़ा पदाधिकारी, ट्रैफिक सिग्नल पर आम लोगों की तरह ही रुकेगा. सोमवार को धनधान्य ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यह घोषणा की. इस मौके पर कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा, डीजी राजीव कुमार, मुख्य सचिव मनोज पंत और स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम भी मौजूद थे.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा, “मैंने कभी पुलिस को नहीं कहा कि मेरी गाड़ी के लिए ट्रैफिक रोका जाए. मुझे खुद ट्रैफिक जाम में खड़े रहना पसंद है.” उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग ट्रैफिक सिग्नल पर अपनी व्यस्तता का दिखावा करते हैं, जो उन्हें पसंद नहीं. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर आम जनता ट्रैफिक सिग्नल पर रुक सकती है, तो वीआईपी क्यों नहीं? मैं कोई खास व्यक्ति नहीं हूं, मैं आम लोगों की तरह चलना पसंद करती हूं.”

ममता बनर्जी ने बीते समय की याद दिलाते हुए कहा कि वामपंथी शासन में जब ज्योति बसु और बुद्धदेव भट्टाचार्य का काफिला गुजरता था, तो सड़कें रोक दी जाती थीं और आम जनता को इंतजार करना पड़ता था. उन्होंने कहा कि अब यह सब नहीं चलेगा. किसी वीआईपी के आने-जाने के लिए आम लोगों को ट्रैफिक में फंसाकर खड़ा करना उचित नहीं है. सभी का समय महत्वपूर्ण होता है.

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर घोषणा की कि कोलकाता और राज्य के अन्य प्रमुख चौराहों पर वॉच टावर बनाए जाएंगे. इसके लिए उन्होंने सभी विधायकों और सांसदों से अपने फंड से सहयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि विधायकों और सांसदों की भी सामाजिक जिम्मेदारी होती है. मैं भी सांसद रहते हुए अपने फंड से ट्रैफिक स्टैंड, बस स्टैंड, स्कूलों के बाहर बैठने की जगह और श्मशानों के सौंदर्यीकरण के लिए धन दिया था. अब सरकार भी ऐसे कार्य कर रही है.

सीएम ममता बनर्जी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि सड़क पार करने के दौरान दुर्घटनाएं न हों. उन्होंने डीजी राजीव कुमार और पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा को इस दिशा में विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा.

Exit mobile version