


Mumbai. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा से पहले निवेशकों के सतर्कता बरतने और विदेशी संस्थागत निवेशकों की ताजा निकासी के बीच बृहस्पतिवार को घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही. सेंसेक्स 213 अंक कमजोर हो गया जबकि निफ्टी में 93 अंकों की गिरावट रही. विश्लेषकों ने कहा कि दिग्गज कंपनियों भारती एयरटेल, आईटीसी और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयरों में मुनाफावसूली हावी होने से बाजार नकारात्मक दायरे में रहा. बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 213.12 अंक यानी 0.27 प्रतिशत गिरकर 78,058.16 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 427.29 अंक गिरकर 77,843.99 पर आ गया था.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी 92.95 अंक यानी 0.39 प्रतिशत गिरकर 23,603.35 पर आ गया. सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से भारती एयरटेल अपने तिमाही नतीजे आने के पहले 2.47 प्रतिशत की गिरावट पर रहा. हालांकि कारोबार अवधि खत्म होने के बाद जारी तिमाही नतीजों में उसके लाभ में पांच गुनी बढ़ोतरी हुई है. टाइटन, एनटीपीसी, एसबीआई, आईटीसी, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स के शेयर भी नुकसान के साथ बंद हुए. दूसरी तरफ अदाणी पोर्ट्स, इन्फोसिस, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा और इंडसइंड बैंक के शेयर बढ़त हासिल करने में सफल रहे.
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,682.83 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की. विश्लेषकों का कहना है कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के नीतिगत रेपो दर पर निर्णय के पहले निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा. एमपीसी की बैठक बुधवार को शुरू हुई और शुक्रवार को इसके फैसले की जानकारी दी जाएगी. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “व्यापार युद्ध छिड़ने के बीच प्रमुख ब्याज दर में संभावित कटौती पर आरबीआई के फैसले का इंतजार कर रहे निवेशकों के कारण मानक सूचकांकों में मामूली गिरावट देखी गई. धीमी वृद्धि को तेज करने के लिए खपत बढ़ाने पर सरकार के ध्यान के बावजूद बाजार सतर्क रहा.



