


New Delhi. जस्टिस यशवंत वर्मा नकद बरामदगी मामले में CJI संजीव खन्ना के आदेश पर उनके घर के अंदर की पहली तस्वीर जारी की गई है. वीडियो में घर के अंदर जले हुए नोटों के बंडल दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो को दिल्ली पुलिस ने शूट किया था. साथ ही सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट भी प्रकाशित की गई है. रिपोर्ट और अन्य सभी दस्तावेज़ 25 पृष्ठों में हैं. इस मामले से जुड़ी दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है, मामले से जुड़े दस्तावेज भी वेबसाइट पर डाले गए हैं. साथ ही जस्टिस वर्मा का जवाब भी पब्लिक किया गया. हालांकि जस्टिस यशवंत वर्मा ने नोटों की जानकारी से इनकार किया है.
जांच प्रक्रिया दूसरे अहम चरण में
दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आवास पर आग लगने की घटना के बाद नोटों से भरी ‘‘चार से पांच अधजली बोरियां’’ मिलने की जांच के लिए भारत के प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है. इसके साथ ही आंतरिक जांच प्रक्रिया दूसरे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है, जिसके निष्कर्ष न्यायाधीश वर्मा के भाग्य का फैसला करेंगे. पॉश लुटियंस दिल्ली इलाके में 14 मार्च को न्यायमूर्ति वर्मा के सरकारी आवास के ‘स्टोर रूम’ में आग लगने की घटना के बाद अग्निशमन कर्मियों और पुलिस कर्मियों को कथित तौर पर नकदी मिली थी.
तीन सदस्यीय समिति का गठन
दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने 21 मार्च को अपनी रिपोर्ट में, जिसे शनिवार शाम को सार्वजनिक किया गया, आरोपों की ‘‘गहन जांच’’ की बात कही थी, जिसके बाद प्रधान न्यायाधीश ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया. प्रधान न्यायाधीश द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति में न्यायमूर्ति शील नागू (पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश), न्यायमूर्ति जी एस संधावालिया (हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश) और कर्नाटक उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अनु शिवरामन शामिल हैं हालांकि, जांच समिति द्वारा जांच पूरी करने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है.
25 पन्नों की जांच रिपोर्ट अपलोड
उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई न्यायमूर्ति उपाध्याय की 25 पन्नों की जांच रिपोर्ट में हिंदी में दो संक्षिप्त नोट हैं, जिनमें जिक्र किया गया है कि 14 मार्च को न्यायमूर्ति वर्मा के आवास के ‘स्टोररूम’ में लगी आग को बुझाने के बाद चार से पांच अधजली बोरियां मिली हैं ‘‘जिनके अंदर भारतीय मुद्रा भरे होने के अवशेष मिले हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि शॉर्ट-सर्किट के कारण आग लगी. दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा द्वारा न्यायमूर्ति उपाध्याय के साथ साझा किए गए वीडियो में स्पष्ट रूप से जली हुई नकदी और आग बुझाते हुए अग्निशमनकर्मी दिखाई दे रहे हैं. अपने जवाब में न्यायमूर्ति वर्मा ने नकदी बरामदगी विवाद में आरोपों का पुरजोर खंडन किया है और कहा है कि उनके या उनके परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा ‘स्टोररूम’ में कभी भी कोई नकदी नहीं रखी गई.



