


Mumbai. सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि सरकार 15 मई से बेरोजगारी के आंकड़े तिमाही आधार पर जारी करने के बजाय मासिक आधार पर जारी करना शुरू करेगी. अधिकरी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि 15 मई को जारी होने वाले आंकड़ों में जनवरी, फरवरी और मार्च के आंकड़े शामिल होंगे और उसके बाद हर महीने के आंकड़े जारी किए जाएंगे.
उन्होंने कहा, पहले तीन महीनों के लिए हम 15 मई को आंकड़े जारी करेंगे। यह पहली बार है जब हम ऐसा कर रहे हैं. अभी तक शहरी बेरोजगारी के आंकड़े तिमाही आधार पर जारी किये जाते रहे हैं और ग्रामीण तथा शहरी बेरोजगारी के संयुक्त आंकड़े सालाना आधार पर दिए जाते हैं.
अधिकारी ने कहा कि आंकड़ा संग्रह सांख्यिकीय रूप से मजबूत और सही स्थिति का प्रतिनिधित्व करते हैं. अधिकारी ने कहा कि सरकार अपने दिशानिर्देश का अनुपालन करेगी और निजी पूंजीगत व्यय के आंकड़े अप्रैल के अंत तक जारी करेगी। साथ ही अगले वर्ष से सेवा क्षेत्र के उद्यमों के सर्वेक्षण के निष्कर्ष भी जारी किये जाएंगे. अधिकारी ने कहा कि सरकार असंगठित क्षेत्र के वार्षिक सर्वेक्षण में शामिल असंगठित क्षेत्र के आंकड़ों को तिमाही आधार पर लाने के लिए भी काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि सरकार ने तिमाही आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण शुरू करने का भी फैसला किया है. वर्तमान समय में आंकड़ा महत्वपूर्ण है और इसे विश्वसनीय तथा समय पर जारी किये जाने की आवश्यकता है. अधिकारी ने कहा कि भारतीय आंकड़ों को वैश्विक स्तर पर मजबूत, विश्वसनीय और पारदर्शी माना जाता है.



