


New Delhi. कांग्रेस ने पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में अपने कुछ नेताओं की विवादित टिप्पणियों से दूरी बनाते हुए सोमवार को कहा कि हिदायत दी कि इस संवेदनशील विषय पर पार्टी लाइन से हटकर बयान नहीं दिया जाए. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति का प्रस्ताव, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी द्वारा व्यक्त विचार ही पार्टी की राय है. रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘कांग्रेस कार्य समिति ने 24 अप्रैल, 2025 को बैठक की और इससे दो दिन पहले पहलगाम में पर्यटकों पर हुए बर्बर आतंकी हमले पर एक प्रस्ताव पारित किया. इसके पश्चात 24 अप्रैल, 2025 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सर्वदलीय बैठक में भाग लिया और पार्टी का पक्ष रखा.’उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के कुछ नेता मीडिया में चर्चा कर रहे हैं. वे केवल अपनी व्यक्तिगत राय रखते हैं, वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते.’ रमेश ने कहा कि ऐसे अत्यंत संवेदनशील समय में इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि केवल कांग्रेस कार्य समिति का प्रस्ताव, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी द्वारा व्यक्त विचार और अधिकृत पार्टी पदाधिकारियों के विचार ही कांग्रेस की आधिकारिक राय का प्रतिनिधित्व करते हैं.
-कार्य समिति की बैठक में पारित किया था प्रस्ताव
कांग्रेस ने बीते 24 अप्रैल को कार्य समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा था कि पहलगाम आतंकी हमला भारतीय गणराज्य के मूल्यों पर सीधा हमला है और पाकिस्तान द्वारा रची गई इस साजिश के तहत हिंदू नागरिकों को निशाना बनाया गया ताकि भारत में भावनाएं भड़काई जा सकें. उसने यह आरोप भी लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस गंभीर त्रासदी का फायदा उठाकर ध्रुवीकरण और विभाजन को बढ़ावा दे रही है. इस बीच, कांग्रेस के कुछ नेताओं ने हाल के दिनों में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर ऐसी टिप्पणियां की हैं जिससे विवाद खड़ा हुआ है.
-जानें कांग्रेस के नेताओं ने क्या कहा था
खबरों के अनुसार, महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि आतंकवादियों के पास क्या इतना समय होता है कि वो लोगों से धर्म के बारे में पूछकर मारें. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रविवार को कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले में कुछ चूक जरूर है, लेकिन अपनी बेहतरीन खुफिया सेवाओं के लिए विख्यात इजराइल का भी उदाहरण है जहां दो साल पहले बड़ा हमला हुआ था. उनका यह भी कहना था कि किसी भी देश के पास 100 प्रतिशत पुख्ता खुफिया सेवा (फूलप्रूफ इंटेलिजेंस) नहीं हो सकती. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज ने सिंधु जल संधि को लेकर कथित तौर पर कहा था कि ये पाकिस्तान की जीवन रेखा है और पहलगाम हमले पर भारत को पाकिस्तान की बात मान लेनी चाहिए.



