


Sahibgunj.झारखंड के साहिबगंज जिले में बिहार से आये एक युवक को बच्चा चोर समझ बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया. इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा पूरे 10 दिन बाद हुआ, जब मृतक के परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. जानकारी के अनुसार, बिहार के भागलपुर जिले के बुधुचक थाना क्षेत्र के एकडरा गांव निवासी रंजू उर्फ रंजन सोनी (32) 26 अप्रैल को झारखंड के बोरियो इलाके में मोतियों की माला बेचने आया था.
माला बेचते-बेचते वह बोरियो थाना क्षेत्र के दुर्गाटोला पंचायत के आदिवासी बहुल गांव आसनबोना जा पहुंचा. गांव में पहुंचते ही कुछ लोगों ने उस पर बच्चा चोर होने का शक जताया और देखते ही देखते अफवाह की आग फैल गयी. गुस्साई भीड़ ने रंजू को पेड़ से बांध दिया और फिर उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी. रंजन चीखता-चिल्लाता रहा, मगर किसी ने उसकी एक न सुनी.
भीड़ की दरिंदगी इतनी खौफनाक थी कि रंजू की मौके पर ही मौत हो गयी. लेकिन यह यहीं नहीं रुका, सबूत मिटाने के लिए ग्रामीणों ने उसकी लाश को गांव के पास ही घने जंगल में ले जाकर गुपचुप तरीके से दफना दिया. परिजन जब कई दिन तक संपर्क न होने पर तलाश में निकले तो आसनबोना गांव पहुंचे, जहां उन्हें सच्चाई का पता चला़ इसके बाद परिजनों ने तुरंत बोरियो थाना जाकर पुलिस को सूचना दी.
तत्परता दिखाते हुए पुलिस निरीक्षक नुनुदेव रॉय, थाना प्रभारी पंकज वर्मा, एसआइ जियालाल किस्कू और एएसआइ विराम मरांडी के नेतृत्व में टीम बना कर छानबीन शुरू की. बोरियो बीडीओ नागेश्वर साव की मौजूदगी में शव को जंगल से सड़ी-गली हालत में बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. थाना प्रभारी पंकज वर्मा ने बताया कि मृतक के भाई राहुल कुमार की लिखित शिकायत पर थाना कांड संख्या 34/25 के तहत 10 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.



