


Ranchi.भारत में कोविड-19 के उपचाराधीन मामलों की संख्या बढ़कर 4,000 से अधिक हो गई है, जिसमें केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य बना हुआ है. इधर झारखंड में भी अब कोरोना पैर पसार रहा है. राज्य में अब तक कुल 9 कोरोना संक्रमित पाये गये है. इसमें सबसे अधिक पॉजिटिव मामले राजधानी रांची से सामने आये है. रांची में कुल 4 कोरोना संक्रमित है. हालांकि राज्य में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के बीच स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है. स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. राज्य में रैंडम टेस्टिंग, निगरानी और अस्पतालों में विशेष सतर्कता के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. राज्य में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामले के बीच राज्य स्तर से रैंडम टेस्टिंग और निगरानी शुरू कर दी गयी है. इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना भी अनिवार्य कर दिया गया है. झारखंड में कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की ओर से सभी जिलों के डीसी-सीएस के लिए निर्देश जारी किया गया है.
पांच मरीजों की मौत की सूचना
केरल के बाद महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल हैं. देश में पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 4,026 दर्ज की गई और संक्रमण से पांच मरीजों की मौत की सूचना है. इस साल जनवरी के बाद से देश में कोविड-19 से अब तक 37 लोगों के मरने की सूचना है. देश में 22 मई को उपचाराधीन मरीजों की संख्या 257 थी और 31 मई तक यह संख्या बढ़कर 3,395 हो गई और इसके बाद उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 4,026 हो गई.
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस के संक्रमण से पिछले 24 घंटे में केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में एक-एक मरीज की मौत हुई है और महाराष्ट्र में दो मरीजों के मरने की सूचना है. आधिकारिक सूत्रों ने 31 मई को बताया था कि भारत में कोविड-19 की स्थिति की करीब से निगरानी की जा रही है.
वायरस के ‘ओमीक्रोन’ का नया स्वरूप
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने सोमवार को कहा कि पश्चिम और दक्षिण भारत में वायरस के नमूनों के जीनोम अनुक्रमण से पता चला है कि वर्तमान में वायरस के जिस स्वरूप के कारण मामलों में वृद्धि हुई है वह गंभीर नहीं है तथा यह वायरस के ‘ओमीक्रोन’ का नया स्वरूप है. उन्होंने कहा कि वायरस के जिन चार नए स्वरूपों का पता चला है वे — एलएफ.7, एक्सएफजी, जेएन.1 और एनबी.1.8.1 हैं। ये सभी ओमीक्रोन स्वरूप से उत्पन्न हुए हैं। वायरस के एलएफ.7, एक्सएफजी, जेएन.1 स्वरूप से संक्रमण के मामले अधिक हैं. डॉ. बहल ने कहा, ‘‘हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं. इस वक्त हमें निगरानी रखने के साथ ही सतर्कता बरतनी चाहिए. हालांकि, चिंता की कोई बात नहीं है.



