


सरायकेला-खरसावां जिले में अब अवैध माइनिंग करने वालों की खैर नहीं है.जिला उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने भी अवैध माइनिंग,परिवहन एवं भंडारण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
ज्ञात हो कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशानुसार चार माह तक बालू उत्खनन पर रोक लगा दी गयी है.NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश के मुताबिक प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान 10 जून से चार महीने के लिए बालू के उत्खनन पर रोक लगा दी जाती है, जो 15 अक्टूबर तक जारी रहती हैं.
सूत्रों की माने तो सरायकेला-खरसावां जिले के कुछ सफेद पोश, राजनीतिक आकाओं के संरक्षण में अब भी अवैध बालू का सिंडिकेट चला रहे है. ऐसे बालू माफिया एनजीटी के आदेश से पूर्व बालू स्टॉक कर रख लिये है ताकि बेखौफ बालू तस्करी कर सके.
बालू माफिया एनजीटी लगने के बाद भी पुलिस और खनन विभाग से बचकर अलग-अलग रास्ते से बालू तस्करी में जुटे हैं, इस क्रम में जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी की तत्परता एवं सूझबूझ के कारण बीते दिनों कई अवैध परिवहन में लगे बालू वाहन पकड़े भी गए हैं,इसी क्रम में आज जिला खनन विभाग एवं आदित्यपुर थाना की तत्परता से आदित्यपुर थाना में अवैध बालू लदे हाईवा वाहन को जप्त कर करवाई हेतु आदित्यपुर थाना को सौंपे जाने की सूचना है.
खनन विभाग द्वारा अवैध बालू लदे होने की शंका पर बालू लदे हाइवा वाहन चालक से लदे बालू की चालान की मांग करने पर वाहन चालक येन वक्त पर बालू का चालान दिखने में असफल रहा.
सरायकेला-खरसावां जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी ने लहर चक्र संवाददाता को बताया कि जिले में अब अवैध खनन करने वालों की खैर नहीं है, क्योंकि जिला उपायुक्त ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कारवाई के सख्त निर्देश जारी किए हैं. जिसके फलस्वरुप जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
उन्होंने बताया कि अवैध माइनिंग रोकने के लिए जिले के अंदर कई जगह नाका लगाए जा रहे हैं. जिसके फलस्वरूप बीते दिनों कई अवैध रूप से बालू लगे वाहनों को जप्त किया जा चुका है जिससे जिले के बालू माफिया में हड़कंप मचा हुआ है.
जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी ने बताया कि अवैध मीनिंग परिवहन एवं भंडारण की सूचना मिलने पर सावधानी पूर्वक एवं योजना पर तरीके से कानूनी कार्रवाई की जा रही है ताकि अवैध खनन एवं परिवहन पर पूरी तरह से लगाम लगाया जा सके.



