


Dehradun.उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड के पास हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जांच विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) करेगा. ‘आर्यन एविएशन बेल 407’ हेलीकॉप्टर ‘वीटी-बीकेए’ रविवार सुबह केदारनाथ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में पांच श्रद्धालु, एक बच्चा और चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गयी. हेलीकॉप्टर ने गुप्तकाशी से पांच बजकर 10 मिनट पर उड़ान भरी और पांच बजकर 18 मिनट पर श्री केदारनाथ जी हेलीपैड पर उतरा. हेलीकॉप्टर ने पांच बजकर 19 मिनट पर गुप्तकाशी के लिए फिर से उड़ान भरी और गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
मारे गए लोगों में पांच तीर्थयात्री, पायलट और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का एक कर्मचारी शामिल है. नागर विमानन मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि दुर्घटना की जांच एएआईबी द्वारा की जाएगी. एहतियाती उपाय के तौर पर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पहले ही चार धाम के लिए हेलीकॉप्टर के फेरे कम कर दिए हैं.
बयान में कहा गया कि आगे की कार्रवाई के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है और अभियान की समीक्षा की जा रही है.
सीएम धामी ने दिये ये निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में हेलीकॉप्टर संचालन के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के रविवार को निर्देश दिए हैं. केदारनाथ में रविवार को एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के कुछ ही घंटों बाद मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सख्त एसओपी बनाने के लिए निर्देशित किया जिसमें हेलीकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूर्ण जांच और उड़ान से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य हो.
उन्होंने इसके लिए मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन को तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए जो हेली सेवा के संचालन के सभी तकनीकी व सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा करने के बाद एसओपी तैयार करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिति सुनिश्चित करेगी कि हेली सेवाओं का संचालन पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो.



