


Ranchi: रांची जिले के सिल्ली प्रखंड स्थित मारदू गांव में बुधवार सुबह साढ़े छह बजे अचानक एक बाघ घुस गया, इससे गांव में हड़कंप मच गया. बाघ भोजन की तलाश में गांव के पुरेन्द्र महतो के घर में घुस गया. संयोग से उस वक्त उस कमरे में कोई नहीं था, नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी. पुरेन्द्र महतो के परिजनों को बाघ समझकर सूझबूझ से कम लिया और कमरे में बाहर से ताला लगा दिया हालांकि काफी भीड़ गांव में देखी गई टाइगर की एक झलक पानी के लिए सैकड़ो की संख्या में महिला पुरुष पहुंच चुके थे.
गांव रेस्क्यू की टीम ने लगातार कोशिश कर रहे थे आखिरकार लगभग 10 घंटे के आसपास टाइगर को रेस्क्यू टीम ने पिंजरे में डाल दिया और टाइगर के ऊपर बंदूक द्वारा बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया हालांकि टाइगर जब तक नहीं पकड़े गए थे घर के अंदर में थे तब तक अधिकारी से लेकर प्रशासन की चिंता बनी हुई थी घर के मालिक पुरंदर महतो ने बताया कि जब सुबह 5:बजे बकरी निकल रहा था तब जाकर टाइगर घर के अंदर में घुस गया टाइगर की आवाज सुनकर परिवार को घर से बाहर निकाला टाइगर जहां पर था उसे घटनास्थल पर तमाम प्रशासन पदाधिकारी पहुंचे और वन विभाग के तमाम पदाधिकारी से लेकर तमाम अधिकारी मौजूद रहे.
मालूम हो कि रांची से सटे सिल्ली प्रखंड में Tiger यानी बाघ घुस गया था. यह बाघ (रॉयल बंगाल टाइगर) मुरी थाना क्षेत्र के कोचो पंचायत के रहने वाले पूरण चंद महतो के आवासीय परिसर में घुसा था. बताया गया है कि टाइगर घर के अंदर घुसकर लॉक हो गया है. बाघ का रेस्क्यू करने की कवायद शुरू कर दी गयी थी. ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर यहां निषेधाज्ञा यानी धारा-163 लागू की गयी थी.



