


New Delhi. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने देशभर में आयकर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे करदाताओं के रिटर्न की जांच और मूल्यांकन के लिए नोटिस जारी करते समय ‘उचित सोच’ सुनिश्चित करें.इसके साथ ही, सीबीडीटी ने इस बात पर जोर दिया है कि सभी प्रश्न ‘प्रासंगिक’ और ‘विशिष्ट’ होने चाहिए. प्रत्यक्ष कर प्रशासन के लिए नीति-निर्माण निकाय ने विभाग के सभी क्षेत्र प्रमुखों (पीसीसीआईटी या आयकर के प्रधान मुख्य आयुक्त) से भी कहा है कि वे अपने मूल्यांकन अधिकारियों पर ‘प्रभावी निगरानी’ रखें और सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा करदाताओं को भेजे गए प्रश्न ‘उचित’ हों और ‘अप्रासंगिक’ प्रश्नों से पूरी तरह बचा जाए.
सीबीडीटी के चेयरमैन रवि अग्रवाल के कार्यालय द्वारा पीसीसीआईटी को भेजे गए पत्र की प्रति मिली है. इसमें निर्देश दिया गया है कि एफएओ (फेसलेस असेसिंग ऑफिसर) द्वारा करदाताओं को भेजे जाने वाले प्रश्न संबंधित मामले की विशिष्ट परिस्थितियों के अनुसार ‘प्रासंगिक’, ‘विशिष्ट’ और ‘आधारित’ होने चाहिए.
पत्र में कहा गया है कि मूल्यांकन इकाई प्रमुख (आयकर के अतिरिक्त या संयुक्त आयुक्त) ऐसे नोटिस और मूल्यांकन आदेश की गुणवत्ता के लिए ‘प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार’ होंगे, क्योंकि इसमें उन्हें यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि प्रश्न उठाते समय एफएओ द्वारा ‘उचित विवेक’ का प्रयोग किया जाए.



