



उपायुक्त का आदेश सिर्फ फाइल तक ही सिमट कर रह जाएगा या धरातल पर भी उतरेगा यह भविष्य के गर्त में है!
ज्ञात हो कि पूर्वी सिंहभूम जिला उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में 05 जुलाई को समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में नगर निकायों के माध्यम से संचालित विभिन्न विकास योजनाओं में प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी. बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, राजस्व संग्रहण पर विस्तृत चर्चा भी हुई थी.
उक्त बैठक में अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद,उप नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्ण कुमार,सभी सहायक नगर आयुक्त समेत एई,जेई,सिटी मैनेजर व अन्य कर्मी उपस्थित थे.
उक्त बैठक में जिला उपायुक्त ने भवन निर्माण कार्य में नक्शा नियमों के उल्लंघन पर स्पष्ट निर्देश दिया था कि नक्शा विचलन कर निर्माण करने वाले भूस्वामियों पर सतत निगरानी रखी जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि अव्यवस्थित और अवैध निर्माण पर रोक लग सके.
जिला उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के सख्त आदेश के एक सप्ताह बाद भी उनके आदेश का अनुपालन नहीं होता दिख रहा है, उपायुक्त के सख्त आदेश के विपरीत JNAC क्षेत्र में कई ऐसे बहुमंजिला भवन जिन पर पूर्व में कार्रवाई करने का फाइल तैयार करने की चर्चा थी. उसके ऊपर एक अन्य फ्लोर का अवैध भवन निर्माण होता दिख रहा है.पर विभाग के अधिकारी खामोश है.जिसका उदाहरण साकची के शीतला मंदिर के सामने टैंक रोड के होल्डिंग नंबर 88 पर स्थित पीएम मॉल है.
ज्ञात हो कि उक्त होल्डिंग नंबर 88(साकची के शीतला मंदिर के सामने टैंक रोड के होल्डिंग नंबर 88 पर स्थित पीएम मॉल) पर करवाई हेतु कई बार फाइल तैयार होने की सूचना है, इसके बावजूद भवन निर्माता दुस्साहस का परिचय देते हुए द्वारा पूर्व में नक्शा विचलित कर तैयार किए गए बहुमंजिला भवन के ऊपर एक अन्य फ्लोर का अवैध निर्माण दिनदहाड़े किया जा रहा है.
अब देखना है कि जमशेदपुर के तेज तर्रार एवं युवा उपायुक्त को ऐसे अवैध भवन निर्माता डार्क में रखकर अवैध निर्माण पूरा कर पाते हैं अथवा उन पर JNAC द्वारा अवैध भवन निर्माण कराने हेतु झारखंड नगर पालिका एक्ट एवं अपार्टमेंट एक्ट के तहत 01 से 10 लाख का जुर्माना किया जाएगा एवं विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
कुमार मनीष,9852225588



