


Medninagar. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार गुरुवार को पलामू जिले के विश्रामपुर स्थित रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय के टॉपर विद्यार्थियों को डिग्री, डिप्लोमा व मेडल प्रदान किया. समारोह के विशिष्ट अतिथि व पूर्व सीएम रघुवर दास को डाॅक्टरेट की मानक उपाधि प्रदान की गयी. दीक्षांत समारोह में रघुवर दास ने विश्वविद्यालय परिवार को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व का विषय है. उन्होंने शिक्षा और सामाजिक विकास में विश्वविद्यालय की भूमिका की सराहना की. समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भरता और नैतिकता पर जोर दिया.
समारोह को संबोधित करते हुए श्री गंगवार ने कहा कि यदि सभी शिक्षण संस्थान सकारात्मक सोच के साथ उच्च शिक्षा के विकास की दिशा में ईमानदार प्रयास करें तो झारखंड निश्चित रूप से एजुकेशन हब बन जायेगा. साथ ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह राज्य भारत में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी समाज की आत्मा होती हैं. उन्हें आसपास के गांवों को भी साथ लेकर चलना होगा. सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए गांवों को गोद लेना और वहां की समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षा व नवाचार को माध्यम बनाना ही सच्ची शिक्षा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नये भारत के निर्माण की दिशा में देश निरंतर अग्रसर है.
मीडिया से बातचीत में रघुवर दास ने बिहार के विपक्षी नेता तेजस्वी यादव के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर दिए गए बयान पर टिप्पणी की. तेजस्वी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बहिष्कार की संभावना पर गठबंधन दलों से चर्चा की बात कही थी. इस पर दास ने कहा कि कोई कितना भी गुमराह करने की कोशिश करे, जनता भटकने वाली नहीं है.
रघुवर दास ने AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के कांवड़ यात्रियों के खिलाफ दिए गए विवादित बयान की कड़ी निंदा की. शौकत अली ने कहा था कि कांवड़ियों को जेल में होना चाहिए. इस पर दास ने कहा कि ऐसे उन्मादी बयानों से जनता गुमराह नहीं होगी. यह सनातन धर्म और आस्था का सवाल है. जनता ऐसे बयानों को समझती है और इनका जवाब देती है. बाघमारा में हाल की हिंसा पर रघुवर दास ने झारखंड सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए.



