


चक्रधरपुर. रांची में एनएच 75 पर शुक्रवार दोपहर में लंबा जाम लग गया. इसके पीछे कारण 50 लाख रुपये और सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोग थे. दरअसल, यह मामला एक बिजली मिस्त्री की मौत से जुड़ा हुआ है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
बिजली मिस्त्री स्वर्गीय श्यामसुंदर रजक के परिजन और ग्रामीणों ने 50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. लोगों ने चक्रधरपुर रांची एनएच 75 ई मुख्य सड़क मार्ग के चेकनाका के समीप सड़क जाम लगा दिया.
सड़क पर जाम शुक्रवार की दोपहर तीन बजे से लगा और अब तक जारी है. ज्ञात हो कि पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में ट्रांसफार्मर का फ्यूज बांधते समय 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलसे बिजली मिस्त्री की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई थी.
मृतक की पहचान लोटापहाड़ गांव निवासी श्यामसुंदर रजक के रूप में हुई है, जो बिजली विभाग में लाइनमेन के पद पर अनुबंध पर कार्यरत था. कराईकेला थाना क्षेत्र के लांडुपदा गांव के आदिवासी टोला में ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ गया था.
इस फॉल्ट को ठीक करने के लिए विभाग ने श्यामसुंदर को भेजा था. उन्होंने विभाग से शटडाउन लेकर ट्रांसफार्मर पर चढ़कर फ्यूज का तार बांधना शुरू किया. काम अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि अचानक लाइन चालू कर दी गई.
जैसे ही 11 हजार वोल्ट की बिजली चालू हुई ट्रांसफार्मर में जोरदार धमाका हुआ और श्यामसुंदर करंट की चपेट में आकर नीचे गिर पड़े. इस हादसे में उनके पीठ, पैर और शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस गए.
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने उन्हें चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें टीएमएच जमशेदपुर रेफर किया गया. वहीं, गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुआ है. शटडाउन के बाद भी लाइन चालू करना सीधी लापरवाही है. परिजनों ने सरकार और विभाग से उचित मुआवजे की मांग की है.



