


Ranchi. झारखंड में बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया पर झारखंड हाइकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. अदालत ने यह आदेश पेसा एक्ट को लागू न किए जाने के संदर्भ में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया. हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में जवाब तलब करते हुए यह स्पष्ट करने को कहा है कि पूर्व में दिए गए कोर्ट के आदेश का अब तक पालन क्यों नहीं किया गया?
यह है मामला
यह मामला झारखंड के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में संसाधनों की नीलामी और स्थानीय स्वशासन के अधिकारों से जुड़ा हुआ है.
संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासी क्षेत्रों में पेसा एक्ट लागू किया जाना अनिवार्य है, जो ग्राम सभाओं को खनिज और अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण का अधिकार देता है.
हालांकि, याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि झारखंड सरकार ने अब तक पूरी तरह से पेसा एक्ट को लागू नहीं किया है और बिना ग्राम सभाओं की सहमति के बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी.
हाइकोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने सुनवाई के दौरान इस पर गंभीर चिंता जताई और स्पष्ट किया कि जब तक राज्य सरकार पेसा कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन नहीं करती, तब तक बालू घाटों की नीलामी नहीं की जा सकती. अदालत ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि पहले जारी आदेशों को अब तक क्यों नहीं माना गया और किन कारणों से पेसा एक्ट को लागू करने में देरी हो रही है.



