


Jamshedpur. मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के बाद झारखंड समेत पूरे देश में अलर्ट जारी कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग झारखंड में तीन कफ सिरप के उपयोग के साथ खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है. मध्य प्रदेश के स्टेट लैब द्वारा इन दवाओं में डाई इथाइल ग्लाइकॉल की निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा की पुष्टि की गई. बैन किए गए सिरप में कोल्डरिफ सिरप (श्रेसन फार्मास्यूटिकल, तमिलनाडु), रेस्पीफ्रेश टीआर सिरप (रेडनेक्स फार्मास्यूटिकल्स प्रा लि, अहमदाबाद,गुजरात) और रिलीफ सिरप (शेप फार्मा प्रा लि, सुरेंद्रनगर,गुजरात) शामिल है.
इधर, जमशेदपुर में ड्रग विभाग सक्रिय हो गया है। दवा दुकानों की जांच की जा रही है और बिना डॉक्टर की पर्ची के कफ सिरप बेचने पर रोक लगाई गई है. कोल्ड्रिफ सिरप जैसे अन्य सिरपों के नमूने भी जांच के लिए भेजे जा रहे हैं. सभी दवा दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई है कि बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी भी बच्चे को कफ सिरप न दिया जाए. कोल्ड्रिफ सिरप के साथ-साथ उसके जैसे केमिकल कंपोजिशन वाले अन्य सिरपों के नमूने भी जब्त किए जा रहे हैं और उन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा स्तर का पता चल सके.
जमशेदपुर में हर महीने 30 लाख के सिरप की खपत
ड्रग विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जमशेदपुर में हर महीने करीब 30 लाख रुपये के सिरप की खपत होती है. हालांकि, फिलहाल शहर में कोल्ड्रिफ सिरप की सीधी सप्लाई नहीं है, लेकिन उससे मिलते-जुलते सिरप बाजार में बिक रहे हैं, जिनकी जांच जरूरी है.



