


Ranchi. घाटशिला उपचुनाव दिलचस्प होने वाला है. यहां चुनाव लड़ रहे राजनीतिक दल महिला मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जहां उनकी संख्या पुरुषों से लगभग पांच प्रतिशत अधिक है. घाटशिला निर्वाचन क्षेत्र में 2,56,252 मतदाताओं में से 1,31,180 महिलाएं और 1,25,078 पुरुष हैं. राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) अपनी सबसे लोकप्रिय पहल ‘मंईयां सम्मान योजना’ पर भरोसा कर रहा है.
वहीं, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के साथ महिलाओं का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है और राज्य में ‘महिलाओं के खिलाफ अपराध की बढ़ती घटनाओं’ को उजागर कर रही है.पिछले साल शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों को 2,500 रुपये प्रति माह की सहायता मिलती है. इस योजना को एक प्रमुख कारक माना जा रहा है, जिसने कथित तौर पर झामुमो के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को 2024 के विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटने में मदद की.
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के रवि कुमार ने कहा कि राज्य के आदिवासी इलाकों में महिला मतदाताओं की संख्या आमतौर पर पुरुषों की तुलना में अधिक होती है. कुमार ने कहा, ‘हमारे अवलोकन के अनुसार, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में महिलाओं की जीवन प्रत्याशा पुरुषों की तुलना में अधिक है. इसके अतिरिक्त, इन क्षेत्रों में लिंगानुपात महिलाओं के अनुकूल है. घाटशिला उपचुनाव के लिए मतदान 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी.
झामुमो विधायक रामदास सोरेन के 15 अगस्त को निधन के कारण घाटशिला सीट के लिए उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था. राज्य में सत्तारूढ़ झामुमो ने रामदास के पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन को इस उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को मैदान में उतारा है.घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के लिए शुक्रवार को नाम वापसी की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 13 उम्मीदवार मैदान में हैं. उपचुनाव के लिए 300 मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं.



