


Chaibasa. पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में ‘हो’ जनजाति के एक युवा जोड़े को एक ही गोत्र में विवाह करने पर समाज से आजीवन बहिष्कृत कर दिया गया. ‘हो’ जनजाति में एक ही गोत्र में विवाह को पाप माना जाता है. इस संबंध में निर्णय जगन्नाथपुर में ग्राम प्रधान, धार्मिक प्रमुखों, दंपति के माता-पिता और समुदाय के लोगों की उपस्थिति में हुई एक बैठक के बाद लिया गया.
आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के महासचिव गब्बर सिंह हेम्ब्रम ने मंगलवार को कहा कि समुदाय के कुछ सदस्य इस रिश्ते को लेकर नाराज हैं, लेकिन वे कानून के खिलाफ जाकर कोई भी कदम उठाने के पक्षधर नहीं थे. महासभा ऐसे सामुदायिक मुद्दों के साथ-साथ युवाओं को जागरूक करने के लिए धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भी काम करती है. हेम्ब्रम ने बताया कि व्यक्ति जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के लखीपाई का रहने वाला है और महिला जिले के टोंटो क्षेत्र के पदमपुर गांव की निवासी है.
हेम्ब्रम ने कहा कि दोनों के बीच संबंध विकसित हुए और उन्होंने शादी कर ली, लेकिन प्राचीन काल से ऐसा वैवाहिक बंधन स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने बताया कि यह मामला हाल में तब सामने आया, जब महिला ने गर्भधारण किया.



