


Jamshedpur.सीएसआइआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) में गुरुवार को तीन दिवसीय क्रिटिकल मेटल्स कांग्रेस 2025 की शुरुआत हुई.सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के संयुक्त सचिव लेखन ठक्कर ने किया. उन्होंने कहा कि यह मौजूदा दौर में महत्वपूर्ण धातुएं भू-राजनीतिक परिदृश्यों को भी प्रभावित करती हैं. वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय सहयोग विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है. टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाएं स्थापित करने के लिए साझेदारियों में विविधता जरूरी है. यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. के आनंद राव ने कहा कि सतत एवं स्थायी स्रोत विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों में अनुसंधान की आवश्यकता है.
साथ ही कहा कि यूसीआईएल इस क्षेत्र में, विशेषकर निष्कर्षण के क्षेत्र में, सहयोग के लिए तत्पर है. सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने महत्वपूर्ण खनिजों में प्रोद्यौगिकीय संप्रभुता की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने यह रेखांकित किया कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में रक्षा, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण खनिजों के संदर्भ में सीएसआईआर और विशेषकर सीएसआईआर-एनएमएल की रणनीतिक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.
सम्मेलन के आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने बताया कि 275 से अधिक प्रतिभागियों के साथ आयोजित सम्मेलन महत्वपूर्ण धातुओं से जुड़े तकनीकी, नीतिगत और आपूर्ति श्रृंखला से संबंधित मुद्दों पर विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है. इस अवसर पर की सम्मेलन स्मारिका एवं शोध संकलन का विमोचन भी किया गया.



