


Dubai. अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला शुरू किया, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से ‘अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथ में लेने’ और 1979 से देश पर शासन कर रहे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने का आह्वान किया। ऐसा प्रतीत होता है कि पहला हमला ईरान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के आसपास के इलाकों में हुआ और ईरानी मीडिया ने देशभर में हमलों की खबरें दी तथा राजधानी तेहरान से धुएं का गुबार उठता दिखायी दिया।
ट्रंप ने ‘बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान’’ शुरू होने की घोषणा करते हुए एक वीडियो के माध्यम से कहा, ‘‘जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्ज़ा कर लेना। वह तुम्हारी होगी जिसकी बागडोर तुम अपने हाथ में ले सकोगे। संभवतः आने वाली कई पीढ़ियों में यह तुम्हारे पास एकमात्र मौका होगा।’’कई वर्षों से आप अमेरिका से मदद मांगते रहे हैं, लेकिन आपको कभी मदद नहीं मिली।’’ इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस व्यापक लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘हमारा संयुक्त अभियान बहादुर ईरानी लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां पैदा करेगा, जिससे वे अपने भविष्य का फैसला खुद अपने हाथों में ले सकें।’ इन हमलों ने ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप के एक चौंकाने वाले नए अध्याय की शुरुआत कर दी और यह आठ महीनों के भीतर दूसरी बार है जब ट्रंप प्रशासन ने इस्लामी गणराज्य के खिलाफ सैन्य बल का इस्तेमाल किया है।
ये हमले ऐसे समय में हुए जब हाल के हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया था। अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्र में तैनात किए जा चुके थे और ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए एक समझौता चाहते हैं। यह उस समय हो रहा है जब देश के भीतर भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं और राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी पर हुए ईरानी मिसाइल के नुकीले छर्रे से एक व्यक्ति की मौत हो गई। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात और इराक ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि देश अपनी प्रतिक्रिया देने में ‘जरा भी हिचकिचाएगा नहीं।’’ मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा, ‘अब मातृभूमि की रक्षा करने और दुश्मन के सैन्य हमले का सामना करने का समय आ गया है।’ इस बीच, बहरीन ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल से निशाना बनाया गया।
कुवैत में प्रत्यक्षदर्शियों ने सायरन और विस्फोटों की आवाजें सुनीं। कतर में भी विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। कुवैत में अमेरिकी सेना का केंद्र स्थित है। इराक और संयुक्त अरब अमीरात ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, और जॉर्डन में सायरन बजने लगे।
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ईरान के समर्थन में समुद्री मार्गों और इजराइल पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले फिर से शुरू करने का फैसला किया है। हूती विद्रोहियों के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने यह बात नाम उजागर न करने की शर्त पर कही क्योंकि हूती नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। कतर, संयुक्त अरब अमीरात और इजराइल में अमेरिकी दूतावासों या वाणिज्य दूतावासों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उन्होंने कर्मचारियों को अपने घरों में ही सुरक्षित रहने के लिए कहा है और सभी अमेरिकियों को ‘अगले आदेश तक ऐसा ही करने’ की सलाह दी है।
ईरान, इजराइल और खाड़ी देशों के लिए परामर्श जारी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान की घोषणा के बाद भारत ने शनिवार को ईरान और इजराइल में रहने वाले अपने नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी। ईरान में भारतीय दूतावास ने शनिवार को अपने नागरिकों के लिए एक परामर्श जारी करते हुए उनसे ‘अत्यधिक सावधानी बरतने’ और ‘जहां तक संभव हो घर के अंदर रहने’ की अपील की है। यह परामर्श क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच जारी किया गया है। दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बदलते घटनाक्रम को देखते हुए ईरान में सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और जहां तक संभव हो घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है।
दूतावास ने कहा कि सभी भारतीय नागरिक खबरों पर नजर बनाए रखें, आसपास की स्थिति के प्रति जागरूक रहें और भारतीय दूतावास से मिलने वाले आगे के निर्देशों का इंतजार करें। भारत ने इजराइल में रह रहे अपने नागरिकों के लिए भी परामर्श जारी करते हुए उन्हें ‘अत्यधिक सावधानी बरतने और हर समय सतर्क रहने’ की सलाह दी है।



