


Ranchi.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि असम की धरती पर एक ऐसा सच दबा दिया गया है, जिसे जितना कहा जाये, उतना कम है. असम के चाय बागानों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासी समाज को आज तक एसटी का संवैधानिक दर्जा नहीं मिला. यह सामान्य चूक नहीं, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर का अन्याय है. इसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा.
सीएम ने लिखा है सोचिए, जिन लोगों को अंग्रेजों ने उनके घरों से दूर लाकर इस मिट्टी से बांध दिया. अपने खून-पसीने से असम की अर्थव्यवस्था खड़ी की, उन्हीं को आज तक उनके अस्तित्व की मान्यता नहीं दी गयी है. आजादी के बाद भी दशकों तक सरकारें बदलती रहीं, नेतृत्व बदलता रहा, लेकिन इस समाज का दर्द नहीं बदला. सीएम ने लिखा है कि यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है. यह न्याय, सम्मान और पहचान का सवाल है. असम के आदिवासी समाज को अब और इंतजार नहीं कराया जा सकता. उन्हें उनका अधिकार मिलना ही चाहिए. अब समय आ गया है कि देश इस अन्याय को स्वीकार करे और उसे ठीक करे. क्योंकि, जब तक न्याय अधूरा है, तब तक लोकतंत्र भी अधूरा है.



