


Jamshedpur.जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुई इस हड़ताल से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में ओपीडी सेवाएं सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं, जिससे मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई विभागों में इलाज की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जबकि कुछ मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ रहा है। स्थिति को संभालने के लिए सीनियर डॉक्टरों ने कुछ विभागों में मोर्चा संभाला है, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण दबाव बना हुआ है।
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे थे। उन्होंने पहले काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण विरोध किया, लेकिन मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
तीन दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रतिनिधियों की बैठक भी हुई थी। बैठक में आश्वासन दिया गया था कि डॉक्टरों की मांगों से जुड़ी फाइल कैबिनेट में भेज दी गई है और जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है। इसके बावजूद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखी है, जिससे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
इस बीच, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार और अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने जूनियर डॉक्टरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी इलाज नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है।



