


जमशेदपुर।
जिला समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनशिकायत निवारण दिवस में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने जिलेभर से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और मांगों को लेकर पहुंचे।
हर आवेदन पर गंभीरता से सुनवाई
कार्यक्रम में उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता
उपायुक्त ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अनावश्यक देरी के लिए संबंधित पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। खासकर कमजोर और जरूरतमंद वर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
इन समस्याओं से जुड़े आए आवेदन
जनशिकायत निवारण दिवस में विभिन्न प्रकार की समस्याएं सामने आईं। इनमें चिकित्सा सहायता, पारिवारिक विवाद, अबुआ आवास योजना के तहत लंबित भुगतान, मानदेय में देरी, एकल महिला को सहायता, भूमि विवाद, राशन कार्ड निर्गमन, निजी विद्यालयों में फीस वृद्धि, बीपीएल कोटे के तहत नामांकन, रोजगार उपलब्ध कराने, दुकान आवंटन, किराया निर्धारण, जमीन म्युटेशन, पदोन्नति, सड़क निर्माण और अतिक्रमण हटाने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।
प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद
उपायुक्त ने कहा कि जनशिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। यह एक ऐसा मंच है जहां लोग सीधे प्रशासन से अपनी बात रख सकते हैं। इससे प्रशासन और जनता के बीच संवाद मजबूत होता है और समस्याओं के समाधान में तेजी आती है।
त्वरित निष्पादन पर जोर
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन करें। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।



