


TATA WORKES UNION NEWS/Jamshedpur: टाटा वर्कर्स यूनियन के Office Bearers द्वारा संचालित किए जा रहे हैं व्हाट्सएप ग्रुप OFFICE.BEARERS 2024-2027, जिसमें टाटा वर्कर्स यूनियन के प्रेसिडेंट संजीव कुमार चौधरी, डिप्टी प्रेसीडेंट शैलेश कुमार सिंह, वाइस प्रेसिडेंट संजीव कुमार तिवारी,सहायक सचिव श्याम बाबू के अलावा अन्य Office Bearers शामिल थे, उक्त व्हाट्सएप ग्रुप से टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसीडेंट शैलेश कुमार सिंह के अचानक लेफ्ट हो जाने पर NS ग्रेड के ऑफिस बीयर्स एवं टाटा स्टील के कर्मचारियों में काफी आक्रोश व्याप्त है.
इस संदर्भ में टाटा स्टील प्रबंधन एवं टाटा स्टील कर्मियों में यह खबर चर्चा का विषय बना हुआ है कि ग्रेड रिवीजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए बनाए गए ऑफिस बीयर्स का व्हाट्सएप ग्रुप “OFFICE.BEARERS 2024-2027,” से टाटा वर्कर्स यूनियन के एक जिम्मेदार पद वाले पदाधिकारी शैलेश कुमार सिंह का लेफ्ट हो जाना शोभा नहीं देता.
इस संदर्भ में टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व डिप्टी प्रेसीडेंट अरविंद पांडे का कहना है कि टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसीडेंट शैलेश कुमार सिंह ग्रेड रिवीजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा होने से ऑफिस बीयर्स के व्हाट्सएप ग्रुप “OFFICE.BEARERS 2024-2027,” से जिस प्रकार लेफ्ट हो कर बाहर चले गए है,वह एक जिम्मेदार पोस्ट वाले श्रमिक नेता को शोभा नहीं देता.
पूर्व डिप्टी प्रेसीडेंट अरविंद पांडे का कहना है कि शैलेश सिंह ने जिस प्रकार ग्रेड रिवीजन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के कारण ग्रुप से खुद को अलग कर लिए हैं क्या उसी प्रकार से टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसीडेंट शैलेश सिंह अब ड्यूटी रिलीज एवं यूनियन की कार समेत अन्य सुविधा छोड़ेंगे अथवा यूनियन नेता के तर्ज पर मिलने वाली सुविधा को वहन करते रहेंगे.
इस संदर्भ में टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व डिप्टी प्रेसीडेंट अरविंद पांडे ने कहा कि एक दिसंबर 2025 के बाद से टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबरों का मीटिंग ना करना, टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबरों के संवैधानिक अधिकार का हनन है.
ऐसी विषम परिस्थिति में टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबर तथा जागरूक ऑफिस बियर अपनी समस्याओं के समाधान हेतु किस प्लेटफार्म पर आवाज उठाएंगे? यह यक्ष बना हुआ है.
कुल मिलाकर टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि टाटा वर्कर्स यूनियन किसके इशारे पर प्रत्येक दो महीने पर होने वाले कमिटी मीटिंग को टाल रही है.
टाटा वर्कर्स यूनियन के संविधान के मुताबिक प्रत्येक दो माह में मीटिंग ना करने का लाभ किसे मिल रहा है, यह टाटा वर्कर्स यूनियन एवं टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है.
टाटा वर्कर्स यूनियन के टॉप थ्री पदाधिकारियों के रवैया पर असंतोष एवं नाराजगी किस हद तक भविष्य में हावी होगा यह भविष्य के गर्त में है.
टाटा वर्कर्स यूनियन के टॉप थ्री पदाधिकारी, न्यू सीरीज के कर्मचारियों के प्रति अगर भविष्य में इसी प्रकार उदासीन रहे तो टाटा वर्कर्स यूनियन में बड़े पैमाने पर बिखराव एवं बदलाव संभव हो सकता है.
कुमार मनीष,9852225588



