


जमशेदपुर:
पूर्वी सिंहभूम जिले में अनुकंपा नियुक्ति के तहत तीन आश्रितों को सरकारी सेवा में शामिल किया गया। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह पहल उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिनके सदस्य की सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी और परिवार को आर्थिक संबल की आवश्यकता थी।
अनुकंपा नियुक्ति से मिला सहारा
अनुकंपा नियुक्ति योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को सहारा देना है, जो अपने परिजन के असामयिक निधन के बाद आर्थिक संकट का सामना करते हैं। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आश्रितों को सरकारी सेवा में नियुक्त किया। इस निर्णय से संबंधित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
किन पदों पर हुई नियुक्ति
जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार अमित बेरा और सुभाष हांसदा को वर्ग-3 (निम्नवर्गीय लिपिक) पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं जयंत सिंह को वर्ग-4 (अनुसेवी) पद पर सेवा का अवसर मिला है। सभी चयनित अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और नियमों के तहत नियुक्ति दी गई है।
उपायुक्त ने दी जिम्मेदारी की सीख
इस अवसर पर उपायुक्त राजीव रंजन ने नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। उन्होंने कर्मियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करें।
पारदर्शिता और अनुशासन पर जोर
उपायुक्त ने अपने संबोधन में पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही को सरकारी कार्यशैली की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि कार्यालयी कार्यों में स्पष्टता और समयबद्धता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
जनसेवा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने नवनियुक्त कर्मियों को यह संदेश दिया कि वे जनहित को हमेशा प्राथमिकता में रखें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की छवि कर्मियों के कार्य और व्यवहार से बनती है, इसलिए सभी को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए काम करना चाहिए।




