


जमशेदपुर।
समाहरणालय सभागार में आयोजित नगर निकायों की समीक्षा बैठक में उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने शहरी क्षेत्रों में चल रही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। बैठक में विभिन्न नगर निकायों के अधिकारी मौजूद रहे और अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराया।
नागरिक सुविधाओं पर विशेष जोर
उपायुक्त ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पेयजल, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। खासतौर पर गर्मी को देखते हुए सार्वजनिक स्थलों पर घड़ा और सुराही के माध्यम से अस्थायी पेयजल व्यवस्था दो दिनों के भीतर सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही एक सप्ताह के अंदर चिन्हित स्थानों पर वाटर एटीएम स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता अभियान और पायलट प्रोजेक्ट
स्वच्छता को लेकर उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जनभागीदारी बढ़ाई जाए और लोगों को जागरूक किया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने का भी निर्देश दिया गया। पायलट प्रोजेक्ट के तहत बाजार क्षेत्रों और मुख्य सड़कों की सफाई सुबह 5 बजे से पहले या रात में करने का आदेश दिया गया है। इस अभियान की सफलता के आधार पर इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
नालों की सफाई और कचरा प्रबंधन
बरसात से पहले सभी नालों की सफाई पूरी करने का निर्देश दिया गया। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाने और कचरा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को प्रतिदिन फील्ड निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य और रोजगार योजनाएं
मोहल्लों में स्थापित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थिति सुधारने, डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा शहरी गरीबों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। सफाई कर्मियों को मुख्यमंत्री श्रमिक योजना से जोड़ने और उन्हें प्रशिक्षण देने पर भी बल दिया गया।
निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के निर्देश
शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव करने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।



