


आदित्यपुर। Adityapur Advocate Association की बैठक रविवार को संघ के अध्यक्ष अधिवक्ता डी.एन. ओझा की अध्यक्षता में रोड नंबर-32 स्थित कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में झारखंड स्टेट बार काउंसिल के नव निर्वाचित सदस्यों को बधाई देते हुए राज्य में जल्द से जल्द अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग उठाई गई। इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किया गया।
आदित्यपुर-कंदरा सड़क की ट्रैफिक व्यवस्था पर चिंता
बैठक में आदित्यपुर-कंदरा सड़क पर बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि पटेल चौक के पास बेतरतीब तरीके से टेंपो खड़े रहने के कारण हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती है और आम लोगों के साथ नोकझोंक की घटनाएं भी होती हैं।
संघ ने सड़क के सर्विस लेन और फुटपाथ को हर हाल में चालू हालत में रखने की मांग की। इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा।

पेयजल आपूर्ति को लेकर जिंदल प्रबंधन पर नाराजगी
बैठक में आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर जिंदल प्रबंधन की कार्यशैली की तीखी आलोचना की गई। अधिवक्ताओं ने कहा कि सीतारामपुर 30 एमएलडी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार है, जिससे लगभग 20 से 22 हजार उपभोक्ताओं को पानी मिलना है, लेकिन अब तक केवल 4 से 5 हजार घरों को ही कनेक्शन दिया गया है।
संघ ने आरोप लगाया कि प्लांट शुरू होने के बाद भी करीब 15 हजार घर पेयजल सुविधा से वंचित रह जाएंगे, जो जिंदल प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है।
बिना सूचना बाधित हो रही जलापूर्ति
बैठक में यह भी कहा गया कि पुराने पाइपलाइन से होने वाली जलापूर्ति भी बिना पूर्व सूचना के अक्सर बाधित कर दी जाती है। उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि पानी क्यों बंद हुआ और कब तक बहाल होगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि पेयजल अनिवार्य सेवा की श्रेणी में आता है, इसलिए प्रबंधन की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
संघ ने उपायुक्त, नगर निगम मेयर और अपर नगर आयुक्त से लापरवाह जिंदल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
कई अधिवक्ता रहे मौजूद
बैठक में संघ के मुख्य संरक्षक अधिवक्ता ओम प्रकाश, संरक्षक अरुण कुमार सिंह, श्रीमती रंजना मिश्रा, उपाध्यक्ष मनोज दुबे, निशांत कुमार, मनोज कुमार, महासचिव रविशंकर पासवान, उप सचिव डीएन शर्मा, कोषाध्यक्ष महेश ठाकुर, अधिवक्ता संजीव कुमार, आशुतोष कुमार और एल.बी. ठाकुर सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।



