


New Delhi. रेल मंत्रालय ने देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली 10 कोच वाली डीएमयू ट्रेन को जींद और सोनीपत के बीच 75 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चलाने की मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन डीजल या बिजली आधारित कर्षण के बजाय हाइड्रोजन ईंधन सेल का उपयोग करके विद्युत उत्पादन करेगी। इसकी कुल विद्युत क्षमता 1,200 किलोवाट है और यह ‘डिस्ट्रीब्यूटेड पावर रोलिंग स्टॉक’ (डीपीआरएस) तकनीक पर काम करेगी, जिसके तहत विद्युत क्षमता किसी एक लोकोमोटिव में केंद्रित होने के बजाय पूरी ट्रेन में वितरित होती है।
मंत्रालय की यह मंजूरी ‘रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइज़ेशन’ (आरडीएसओ) से तकनीकी स्वीकृति और रेल सुरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) द्वारा सुरक्षा परीक्षण के बाद दी गई। उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक को संबोधित स्वीकृति पत्र में आरडीएसओ द्वारा जारी अंतिम गति प्रमाण पत्र और अन्य रखरखाव मानदंडों के साथ-साथ सीसीआरएस द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय की मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि परिचालन तुरंत शुरू हो जाएगा, क्योंकि कई अनुपालन प्रक्रियाओं और सत्यापन चरणों को अभी पूरा किया जाना बाकी है।



