


Adityapur Nagar Nigam:झारखंड में भ्रष्टाचार फैलाने वाले अधिकारियों को अक्सर उनके विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारी,भ्रष्ट राजनेता और अपराधियों या माफियाओं के साठगांठ का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संरक्षण मिलने की बात बतायी जाती है। चर्चा है कि इसके अलावा, सत्ता और प्रशासनिक मिलीभगत से बने मजबूत सिंडिकेट भी इन भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने का काम करते हैं.
भ्रष्टाचार को फलने-फूलने देने में सत्ताधारी या प्रभावशाली दलों के कुछ राजनेता अपने निजी स्वार्थ और अवैध उगाही के लिए भ्रष्ट अधिकारियों को राजनीतिक कवच प्रदान करते है. कई बार वरिष्ठ अधिकारी या विभागीय जांच समितियां भी ऐसे अधिकारियों के खिलाफ पुख्ता सबूत सामने लाने पर मूकदर्शक बनी दिखती हैं. कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की सांठगांठ स्थानीय माफियाओं, ठेकेदारों या अवैध कारोबारियों से होने की बात बतायी जा रही है, जो उन्हें धन और रसूख का संरक्षण देते हैं.
ऐसे में आदित्यपुर नगर निगम के अपर आयुक्त रवि प्रकाश का मनोबल बढ़ा रहना साधारण सी बात है. अवैध भवन निर्माण को संरक्षण देना सरकारी राजस्व का बंदर-बांट करना, अपने स्वार्थ वश पेनल्टी लगवाना अथवा पेनल्टी को माफ करना जैसे कई अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने के बावजूद झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री ,जिला प्रशासन एवं स्थानीय सांसद, विधायक इनके कार्यशैली पर अब तक जांच करवाने का आदेश तक नहीं दिये हैं जो चौक चौराहे पर चर्चा का विषय बना हुआ हैं.
आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश को पिछले 5-6 माह पूर्व बिना नक्शा स्वीकृत कराए अथवा स्वीकृत नक्शा का विचलन कर हो रहे अवैध निर्माण की सूचना उचित कानूनी कार्रवाई एवं पेनल्टी हेतु दिया गया था पर आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश द्वारा अधिकांश अवैध भवन निर्माण को मौन रहकर अवैध निर्माण को बढ़ाने में मदद किए जाने का आरोप है. जिससे सरकारी राजस्व की हानि एवं बंदरबांट की संभावनाभी जताई जा रही है.सूत्र बताते हैं कि शिकायत पत्र मिलने के बाद आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश ने सभी अवैध भवन निर्माता पर जांच करा कर जुर्माना लगाने एवं भवन सील करने के बजाय अवैध भवन निर्माण को फलने-फूलने का मौका दिया,जिसके कारण कई अवैध निर्माण शिकायत के समय दिख रहे स्वरूप से और भी ज्यादा तेजी से पूरा होते दिख रहे हैं.
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के लोगों का कहना है की आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश को राजनीतिक संरक्षण होने के कारण यहां भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है. इस संदर्भ में स्थानीय लोगों का कहना है कि आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश के पदस्थापन के बाद टाटा-कांड्रा मुख्य सड़क के दाएं एवं बाईं तरफ कई ऐसे अवैध निर्माण पूरा हो रहे हैं जिनका नक्शा भी स्वीकृत नहीं है एवं कई तो सरकारी भूमि पर खरीद-बिक्री के उद्देश्य से बन रहे हैं.
अब देखना है कि सत्ता और प्रशासनिक मिलीभगत से बने मजबूत सिंडिकेट आदित्यपुर नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने हेतु जांच एवं जांचोपरांत कोई सार्थक कानूनी कार्रवाई करते हैं या यूं ही पूर्व की तरह प्रभावशाली दलों के कुछ राजनेता एवं कुछ अधिकारी अपने निजी स्वार्थों और अवैध धन उगाही के लिए भ्रष्ट अधिकारियों को राजनीतिक कवच प्रदान करते रहेंगे.
कुमार मनीष,9852225588




