



Kolkata. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड पर हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। सफेद टी-शर्ट और सफेद पैंट पहने प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लोगों के साथ योगासन किए। इस स्थल के एक ओर भारतीय सेना की पूर्वी कमान का मुख्यालय और दूसरी ओर मैदान है। करीब 40 मिनट के सत्र के दौरान मोदी प्रतिभागियों के बीच घूमते नजर आए। उन्होंने योग प्रोटोकॉल के अनुसार किए जा रहे आसनों को करीब से देखा और यह सुनिश्चित किया कि उन्हें सही तरीके से किया जा रहा है।
उन्होंने कई मौकों पर प्रतिभागियों की मुद्राएं ठीक करने में भी उनकी मदद की। यह अभ्यास सामूहिक योग प्रदर्शन का हिस्सा था, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों समेत सभी आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया। राज्यपाल आर. एन. रवि और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अलावा दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल एवं दीपक बर्मन समेत कई मंत्रियों ने भी समारोह में हिस्सा लिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने के भारत के प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के बाद 2015 में इसकी शुरुआत हुई थी। तब से मोदी नयी दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूरु, न्यूयॉर्क, श्रीनगर और विशाखापत्तनम समेत विभिन्न स्थानों से योग दिवस समारोहों का नेतृत्व कर चुके हैं।
योग दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि योग दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन गया है जो विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों को एकजुट करता है। मोदी ने कोलकाता में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पृथ्वी पर वर्ष का सबसे लंबा दिन 21 जून अब दुनियाभर में योग दिवस के रूप में पहचाना जाता है।
उन्होंने कहा, पृथ्वी पर साल का सबसे लंबा दिन 21 जून अब योग के कारण सबसे बड़े सामुदायिक उत्सव का दिन बन गया है। योग लोगों को जोड़ता है। मैं इस अवसर पर विश्व के लोगों को बधाई देता हूं। प्रधानमंत्री ने ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान को समर्पण भाव से आगे बढ़ाने के लिए कोलकाता के लोगों को भी बधाई दी।
मोदी ने इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘बढ़ती उम्र में योग से रहें निरोग’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्राचीन पद्धति शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और वृद्धावस्था में सक्रियता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार करती है।



