


Dhanbad. झारखंड के धनबाद जिले में नौकरी पाने के लालच से अपने पिता की हत्या कराने के लिए भाड़े के हत्यारे को सुपारी देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि आरोपी मृतक आश्रित के रूप में अनुकंपा के आधार पर अपने पिता की नौकरी हासिल करना चाहता था।
जिन दो लोगों को उसने अपने पिता की हत्या करने के लिए सुपारी दी थी उन्हें भी पकड़ लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के पिता ‘भारत कोकिंग कोल लिमिटेड’ (बीसीसीएल) के कर्मचारी थे। धनबाद (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक एस मोहम्मद याकूब ने बृहस्पतिवार रात को पत्रकारों को बताया कि मृतक तुलेश्वर नोनिया के बेटे विजय चौहान को, दो भाड़े के हत्यारों अमित सिंह और अखिलेश मल्लाह के साथ, 19 जून की रात हुई हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने कहा, ‘‘नोनिया बरोरा में बीसीसीएल की एक कोयला खदान में कर्मचारी थे। बीसीसीएल में उनकी सेवा के केवल दो साल बचे थे। उनका बेटा विजय चौहान पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर खदान में पक्की नौकरी पाना चाहता था और उसने पिता को रास्ते से हटाने की साजिश रची।’’
याकूब ने कहा, ‘‘उसने अपने दो साथियों मल्लाह और सिंह के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। ये दोनों बरोरा थाना क्षेत्र की बडौरा कॉलोनी के रहने वाले हैं। पुलिस का दावा है कि चौहान ने अपने पिता की हत्या के लिए भाड़े के हत्यारों को 10 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया था, हालांकि हत्या से पहले कोई अग्रिम भुगतान नहीं किया गया था।
जांच से पता चला कि चौहान ने शक से बचने के लिए एक बहाना तैयार किया था। उसने अपने पिता से कहा कि वह बिहार के औरंगाबाद में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने जा रहा है और शुक्रवार सुबह घर से निकल गया।
इस बीच, साजिश के तहत शुक्रवार रात काम खत्म करके कंपनी से बाहर निकले नोनिया को सिंह और मल्लाह ने लिफ्ट देकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया और उन्हें एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां उन्होंने एक बड़े पत्थर से मार मार कर उनकी हत्या कर दी।
सबूत मिटाने और अपनी पहचान छिपाने के इरादे से उन्होंने उनका चेहरा बुरी तरह कुचल दिया।
इसके बाद, घटना को सड़क दुर्घटना जैसा दिखाने के लिए वे शव को घसीटकर मुख्य सड़क पर ले गए और वहीं फेंक दिया। अधिकारी ने बताया, एएमपी कोयला खदान में बीसीसीएल प्रणाली के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा था कि नोनिया, सिंह और मल्लाह के साथ उसी मोटरसाइकिल पर सवार थे। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने दोनों लोगों को हिरासत में लिया और उनसे कड़ी पूछताछ की, जिससे आखिरकार पूरी सच्चाई सामने आ गई।’’



