



जमशेदपुर |
जमशेदपुर स्थित करीम सिटी कॉलेज के प्लेसमेंट सेल ने आईक्यूएसी (IQAC) और बजाज फाइनेंस लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में “Cyber Crime: Nationwide Fraud Awareness Campaign” कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कॉलेज के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। डिजिटल सुरक्षा, साइबर जागरूकता और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव जैसे विषयों पर केंद्रित यह अभियान विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन साबित हुआ।
डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा सबसे बड़ी आवश्यकता
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य मोहम्मद रेयाज़ ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य हो चुकी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इंटरनेट, सोशल मीडिया और डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या संदेश पर भरोसा न करें।
आईक्यूएसी समन्वयक अनवर ने अपने संबोधन में छात्रों को अपनी डिजिटल पहचान (Digital Identity) की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
मुख्य वक्ता श्रीनिवास, ऑफिस इंचार्ज, साइबर क्राइम थाना बिष्टुपुर, ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फिशिंग, ओटीपी धोखाधड़ी, यूपीआई फ्रॉड, पहचान की चोरी, फर्जी नौकरी के प्रस्ताव, सोशल मीडिया ठगी और साइबर बुलिंग जैसे मामलों के उदाहरण साझा करते हुए बताया कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक हानि का कारण बन सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें और National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराएं।
डिजिटल भुगतान के दौरान बरतें विशेष सावधानी
कार्यक्रम के दूसरे वक्ता रोहित सिंह, ऐप डेवलपर, ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से डिजिटल भुगतान सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय बताए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN या बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। उन्होंने मोबाइल ऐप डाउनलोड करते समय केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का उपयोग करने और संदिग्ध ऐप्स से बचने की सलाह दी।
छात्रों में बढ़ी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता
कार्यक्रम में प्लेसमेंट सेल समन्वयक जी. विजयलक्ष्मी उपस्थित रहीं। धन्यवाद ज्ञापन आफताब आलम ने किया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन अफीफा जमन ने किया। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे ताकि विद्यार्थी डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बन सकें।


