


Mumbai. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने बृहस्पतिवार को बताया कि जून तिमाही में आपूर्ति श्रृंखला की दिक्कतों और जिंस की कीमतों के लगातार दबाव के कारण उसका शुद्ध मुनाफा 78.54 प्रतिशत घटकर 859 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 4,003 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था। हालांकि, इस तिमाही में परिचालन से कुल राजस्व सालाना आधार पर नौ प्रतिशत बढ़कर 95,799 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 87,677 करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा कि इस तिमाही के दौरान, जेएलआर की थोक बिक्री सालाना आधार पर 9.2 प्रतिशत घट गई। इसकी वजह आपूर्ति में अस्थायी रुकावटें थीं, जिनमें एक मुख्य वजह आपूर्तिकर्ता के यहां आग लगना, पश्चिम एशिया में संघर्ष और जगुआर के उत्पादन को धीरे-धीरे बंद करने की योजना शामिल है।
घरेलू कारोबार ने सालाना आधार पर 65 प्रतिशत की मजबूत राजस्व वृद्धि दिखाई। हालांकि, जिसों की ऊंची कीमतों और विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव ने मार्जिन में सुधार को सीमित कर दिया। कंपनी ने कहा कि जगुआर लैंड रोवर के लिए यह साल रोमांचक है क्योंकि वह आने वाले महीनों में चार नए उत्पाद पेश करके बीईवी (बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल) खंड में अपना पोर्टफोलियो बढ़ा रही है। साथ ही, घरेलू मोर्चे पर जिंस कीमतें ऊंची रहने की उम्मीद है, लेकिन ईवी (विद्युतचालित वहन) की बढ़ती पैठ के साथ मांग अच्छी बनी हुई है।
कंपनी ने कहा कि वह लागत कम करने और कीमतों में सोच-समझकर बदलाव करने पर ज्यादा ध्यान देते हुए राजस्व वृद्धि पर ध्यान केन्द्रित करेगी। टीएमपीवीएल के मुख्य वित्त अधिकारी, धीमान गुप्ता ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2026-27 की पहले तिमाही में हमने घरेलू कारोबार में वृद्धि की रफ़्तार बनाए रखने और जेएलआर में एक अहम बदलाव वाले साल की तैयारी पर ध्यान दिया।
वित्त वर्ष 2025-26 की कुछ चुनौतियां, जैसे आपूर्ति की दिक्कतें और जिंस एवं विदेशी मुद्रा की ऊंची कीमतें 2026-27 की पहले तिमाही में भी प्रदर्शन पर असर डालती रहीं। हमने एक मजबूत तिमाही दिखाई और हमें भरोसा है कि नई पेशकश के जरिये वृद्धि दर को आगे बढ़ाएंगे, आपूर्ति की दिक्कतों को दूर करेंगे और मार्जिन बेहतर बनाने के लिए खास कदम उठाएंगे।’’

