जमशेदपुर: जिले में प्राकृतिक संसाधनों की लूट और अवैध खनन गतिविधियों को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ पिछले एक महीने की कार्रवाई की गहन समीक्षा की गई और भविष्य के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बीते एक महीने की कार्रवाई: 105 टन खनिज और 7 वाहन जब्त
बड़ी बरामदगी: खनन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि पिछली बैठक के बाद से अब तक जिला खनन टास्क फोर्स द्वारा लगभग 67 टन बालू और 38 टन पत्थर (कुल 105 टन खनिज) जब्त किए गए हैं।

जुर्माना और जब्ती: अवैध परिवहन में संलिप्त 07 वाहनों को जब्त किया गया है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों से ₹21 लाख 41 हजार का जुर्माना वसूला गया है।
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सतर्कता का निर्देश: उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और खनिजों के अनधिकृत परिवहन पर रोक लगाने के लिए नियमित जांच में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता
बैठक में उपायुक्त ने केवल अवैध उत्खनन ही नहीं, बल्कि ईंट भट्ठों से संबंधित प्रदूषण और इको-सेंसिटिव जोन में हो रही खनन गतिविधियों पर भी गंभीरता दिखाई।
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स्थल निरीक्षण: उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों पर केवल कागजी कार्रवाई न करें, बल्कि स्थल निरीक्षण कर तथ्यों की जांच करें और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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पर्यावरण संतुलन: उपायुक्त ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण जनहित और पर्यावरणीय संतुलन के लिए अनिवार्य है। खनन का कार्य हर हाल में निर्धारित नियमों और वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत ही होना चाहिए।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब, डीएफओ सबा आलम अंसारी, जिला परिवहन पदाधिकारी और जिला खनन पदाधिकारी समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, सभी अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

