

Rourkela. ओडिशा के प्रभारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनयतोष मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि बालासोर जिले के एक जंगल में पांच शिशु ओरंगुटान मिलने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने भरोसा जताया कि अधिकारी इस मामले में शामिल वन्यजीव तस्करी गिरोह का पता लगा लेंगे। सूत्रों ने बताया कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) पड़ोसी पश्चिम बंगाल के दीघा में तीन लोगों से पूछताछ कर रहा है, ताकि भारत में नहीं मिलने वाले इन ओरंगुटान के मिलने के रहस्य का पता लगाया जा सके।
इन जानवरों को आठ सितंबर को बिचित्रपुर वन क्षेत्र से बचाया गया था। चूंकि ओरंगुटान भारत में पाए जाने वाले जीव नहीं हैं, इसलिए राज्य के अधिकारियों और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) को संदेह है कि किसी अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क ने इन्हें अवैध रूप से देश में पहुंचाया होगा। मिश्रा ने कहा, ‘पांच ओरंगुटान के बचाव के संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) के आवेदन के आधार पर अपराध शाखा के विशेष कार्य बल ने मामला दर्ज किया है। एसटीएफ में वन्यजीव शाखा है, जो ऐसे मामलों को देखती है और उसने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
एसटीएफ यह पता लगाएगा कि ये ओरंगुटान कहां से आए, वे जंगल तक कैसे पहुंचे और उन्हें कहां ले जाने की योजना थी। बालासोर जिले से हाल में बचाए गए ओरंगुटान को नंदनकानन प्राणी उद्यान में निगरानी में रखा गया है। ‘ओरंगुटान’ वानर प्रजाति का एक बड़ा जीव है।

