Close Menu
Lahar ChakraLahar Chakra
  • Jamshedpur
  • Jharkhand
  • Bihar
  • National
  • Politics
  • Crime
  • Elections
  • Automobile
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) YouTube Instagram
Lahar ChakraLahar Chakra
  • Home
  • Jamshedpur
  • State
    • Jharkhand
    • Bihar
  • National
  • Politics
  • Crime
  • Elections
  • Automobile
Lahar ChakraLahar Chakra
  • Jamshedpur
  • Jharkhand
  • Bihar
  • National
  • Politics
  • Crime
  • Elections
  • Automobile
Home»Headlines»Rail Board Dicision: आसनसोल में यात्री ट्रेन की लाल बत्ती की अनदेखी पर रेलवे की चेतावनी, ‘Route Learning के बिना न करें चालकों की तैनाती, ये निर्देश भी दिये
Headlines

Rail Board Dicision: आसनसोल में यात्री ट्रेन की लाल बत्ती की अनदेखी पर रेलवे की चेतावनी, ‘Route Learning के बिना न करें चालकों की तैनाती, ये निर्देश भी दिये

News DeskBy News DeskOctober 1, 2026Updated:October 1, 2026
Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email LinkedIn Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Email Copy Link

New Delhi. पश्चिम बंगाल में एक यात्री ट्रेन द्वारा लाल बत्ती (सिग्नल) की अनदेखी किए जाने की घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन को बिना उचित ‘रूट लर्निंग’ (मार्ग की पूर्ण जानकारी या प्रशिक्षण) के ट्रेन चालकों की तैनाती नहीं करने की सख्त हिदायत दी है. पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल में सीतारामपुर स्टेशन पर 29 जुलाई, 2026 को हुई इस घटना की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि संबंधित ट्रेन के चालक दल को उस मार्ग का पर्याप्त ज्ञान नहीं था.

रेलवे नियमों के अनुसार, किसी भी नए मार्ग पर ट्रेन चलाने से पहले लोको पायलट और उनके सहायक को उस मार्ग पर नियमित रूप से संचालित होने वाली ट्रेनों में सफर करके मार्ग की भौगोलिक स्थिति, सिग्नल और मोड़ों की पूरी जानकारी यानी ‘रूट लर्निंग’ लेना अनिवार्य होता है. हालांकि, ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें अपर्याप्त ‘रूट लर्निंग’ वाले चालकों को ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया. इसके कारण चालकों द्वारा सिग्नल की अनदेखी किए जाने (एसपीएडी) की घटनाएं हुईं और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ी.

रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को भेजा निर्देश
रेलवे बोर्ड ने 24 अगस्त, 2026 को सभी जोन को भेजे पत्र में कहा कि केवल ‘रूट लर्निंग’ पूरा करने वाले चालकों की ही ड्यूटी लगाई जाए और इस नियम का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाए. बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पांच अगस्त को हुई बैठक में 29 जुलाई की सीतारामपुर घटना पर चर्चा के बाद लिया गया है. रेलवे में लाल सिग्नल की अनदेखी को तकनीकी भाषा में ‘एसपीएडी’ (सिग्नल पासिंग एट डेंजर) कहा जाता है. रेलवे बोर्ड ने कहा कि चालक दल प्रबंधन प्रणाली (सीएमएस) में पहले से ही ऐसा ब्योरा मौजूद है जिससे इस तरह के उल्लंघनों को पकड़ा जा सकता है. बोर्ड ने निर्देश दिया कि यदि मौजूदा श्रेणियों में ऐसे मामलों को दर्ज करने का प्रावधान न हो, तो सॉफ्टवेयर में जरूरी संशोधन किया जाए. रेलवे बोर्ड ने चालकों (लोको पायलट) की कमी की स्थिति में भी बिना ‘रूट लर्निंग’ के किसी को तैनात न करने को लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

Jharkhand Police के 46 पुलिसकर्मियों को बर्खास्तगी अवधि का वेतन व वेतनवृद्धि का होगा भुगतान, झारखंड हाइकोर्ट ने जारी किया आदेश

राजधानी, शताब्दी और दुरंतो को मालगाड़ी के लोको पायलट से न चलवाएं
पत्र के अनुसार, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी ट्रेनों को किसी भी स्थिति में मालगाड़ी के लोको पायलट से न चलवाया जाए और जरूरत पड़ने पर तय रोस्टर (नियमित लिंक) से ही चालकों की व्यवस्था की जाए. वहीं, मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन आमतौर पर मेल या पैसेंजर लोको पायलट ही करेंगे. यदि वे उपलब्ध न हों, तो ‘ए-ग्रेड’ प्रमाणपत्र प्राप्त मालगाड़ी के चालकों की उचित जांच कर एक अलग पैनल तैयार किया जाए. बोर्ड के अनुसार, यदि पैनल का भी कोई चालक उपलब्ध न हो, तो इंजन में चालक के साथ लोको निरीक्षक की मौजूदगी अनिवार्य होगी. इसके अलावा, यदि किसी विशेष प्रकार के इंजन के लिए सक्षम चालक उपलब्ध न हो, तो इंजन को ही बदलकर ऐसा इंजन लगाया जाए जिसे उपलब्ध चालक चलाने में सक्षम हो. बोर्ड के इस पत्र से पहले भी रेल प्रशासन ने ऐसे कई मामलों को दर्ज किया था जिनमें बिना ‘रूट लर्निंग’ के चालकों को तैनात किया गया था.

हाल में ये घटनाएं भी आयीं सामने
हाल ही में वाराणसी से पंजाब के छेहरटा जाने वाली ‘सीर गोवर्धनपुर वाराणसी एक्सप्रेस’ को सात अगस्त, 2026 को अमृतसर स्टेशन पर लगभग 15 मिनट तक इसलिए रोकना पड़ा क्योंकि अधिकारियों को अहसास हुआ कि चालक दल को अमृतसर से छेहरटा के सात किलोमीटर के रास्ते की जानकारी नहीं थी.

ED की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Gameskraft की 442 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

बाद में एक मुख्य लोको निरीक्षक को उनके साथ भेजकर ट्रेन रवाना की गई. इसी तरह 10 अगस्त, 2026 को वाराणसी से इंदौर जा रही ‘काशी महाकाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस’ को भोपाल के निशातपुरा स्टेशन पर इसलिए रोकना पड़ा, क्योंकि चालक दल के पास संत हिरदाराम नगर स्टेशन तक का ‘रूट लर्निंग’ नहीं था. इसके बाद निशातपुरा से दूसरे चालक दल की व्यवस्था कर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया.

Share. Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Telegram Email Copy Link

Related Posts

Jharkhand Police के 46 पुलिसकर्मियों को बर्खास्तगी अवधि का वेतन व वेतनवृद्धि का होगा भुगतान, झारखंड हाइकोर्ट ने जारी किया आदेश

October 1, 2026

ED की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Gameskraft की 442 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

October 1, 2026

YouTube का भारत के GDP में 18,000 करोड़ से अधिक का योगदान, एक साल में भारतीय चैनल ने 16 करोड़ घंटे से अधिक कंटेंट डाले, 9.6 लाख से अधिक नौकरियां मिलीं

October 1, 2026
Recent Post

Rail Board Dicision: आसनसोल में यात्री ट्रेन की लाल बत्ती की अनदेखी पर रेलवे की चेतावनी, ‘Route Learning के बिना न करें चालकों की तैनाती, ये निर्देश भी दिये

October 1, 2026

Jharkhand Police के 46 पुलिसकर्मियों को बर्खास्तगी अवधि का वेतन व वेतनवृद्धि का होगा भुगतान, झारखंड हाइकोर्ट ने जारी किया आदेश

October 1, 2026

ED की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Gameskraft की 442 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

October 1, 2026

YouTube का भारत के GDP में 18,000 करोड़ से अधिक का योगदान, एक साल में भारतीय चैनल ने 16 करोड़ घंटे से अधिक कंटेंट डाले, 9.6 लाख से अधिक नौकरियां मिलीं

October 1, 2026

Share Market: शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 250, निफ्टी 100 अंक तक लुढ़का, टाटा समूह की इस कंपनी के शेयर में उछाल

October 1, 2026
Advertisement
© 2026 Lahar Chakra. Designed by Launching Press.
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Join Laharchakra Group