जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और इसके प्रति समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान जारी है। गुरुवार को ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ (एमडीटी) 100 दिवसीय कुष्ठ जागरूकता अभियान के आठवें दिन चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित नि:शुल्क चर्म रोग जांच शिविर में 17 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई। इनमें एक नए कुष्ठ रोगी की पुष्टि हुई, जिसके बाद मरीज को नि:शुल्क मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) की दवा उपलब्ध कराई गई।

वहीं, डुमरिया के केंदुआ आंगनबाड़ी केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को कुष्ठ रोग के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी दी गई।

शरीर पर सुन्न दाग दिखे तो तुरंत कराएं जांच
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने कहा कि कुष्ठ रोग न तो अभिशाप है और न ही पिछले जन्म के पाप का परिणाम। यह बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है, जिसका उपचार संभव है।उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और इलाज शुरू होने से इससे होने वाली दिव्यांगता को रोका जा सकता है।डुमरिया में एमपीडब्ल्यू सुकराम महाली ने लोगों को बताया कि शरीर पर ऐसा दाग, जिसमें संवेदना कम हो या सुन्नपन महसूस हो, कुष्ठ रोग का संभावित लक्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।उन्होंने कहा कि सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कुष्ठ रोग की जांच और उपचार की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है।
17 संदिग्ध मरीजों की जांच में एक की पुष्टि
चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित शिविर के दौरान सहियाओं द्वारा चिह्नित 17 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई।जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो और एमपीडब्ल्यू राम कृष्णा पानी ने मरीजों की जांच की। इस दौरान एक नए कुष्ठ रोगी की पुष्टि होने पर उसे नि:शुल्क एमडीटी दवा दी गई।शिविर में चार मरीजों को माइक्रो सेलुलर रबर (एमसीआर) चप्पल और दो मरीजों को सेल्फ केयर किट भी उपलब्ध कराई गई।
कुष्ठ रोग से होने वाली दिव्यांगता की रोकथाम पर जोर
चाकुलिया में डेमियन फाउंडेशन के दुर्योधन बागती ने कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षणों, प्रकार, उपचार और बीमारी से होने वाली संभावित दिव्यांगता के बारे में जानकारी दी।एमपीडब्ल्यू राम कृष्णा पानी ने मरीजों को नियमित सेल्फ केयर के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग के कारण होने वाली कुछ प्रकार की शारीरिक विकृतियों में रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी से सुधार संभव है।इस दौरान सहियाओं को कुष्ठ रोगियों की पहचान और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी दी गई।
30 जनवरी 2027 तक चलेगा जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ अभियान के तहत 10 अक्टूबर 2026 से 30 जनवरी 2027 तक कुष्ठ जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां संचालित करने की योजना है।अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति सामाजिक भेदभाव को कम करना, संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान करना और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि शरीर पर सुन्न दाग या कुष्ठ रोग से जुड़े अन्य संभावित लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।


