जमशेदपुर: आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत की मौत के मामले में न्याय और सीबीआई जांच की मांग को लेकर भाजपा बिष्टुपुर मंडल ने शनिवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मंडल अध्यक्ष मारुति नंदन पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार आदिवासी समाज की महिलाओं और उनके अधिकारों की सुरक्षा करने में विफल रही है।

निशा भगत मामले की सीबीआई जांच की मांग
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. जटाशंकर पांडे ने कहा कि आदिवासी समाज की बेटी निशा भगत की मौत से जुड़ी घटना ने सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी सीबीआई जांच कराने की मांग की, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आए और दोषियों को सजा मिल सके।
न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
बिष्टुपुर मंडल अध्यक्ष मारुति नंदन पांडेय ने कहा कि जब तक निशा भगत को न्याय नहीं मिलता और मामले की सीबीआई जांच सुनिश्चित नहीं होती, भाजपा का लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की।
भाजपा नेताओं ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिए पार्टी आगे भी आंदोलन करेगी।
ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में पूर्व प्रदेश मंत्री रीता मिश्रा, पिछड़ा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष राजकुमार शाह, मंडल महामंत्री विश्वनाथ दीप, मंडल उपाध्यक्ष रोहित सिंह, कार्यालय मंत्री प्रदीप मूर्ति, वागा जी, इंद्रजीत सिंह तोमर, देवदत्त मुखर्जी सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता शामिल हुए।
संपादकीय स्पष्टता: प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने इसे हत्या का मामला बताते हुए विरोध किया है, जबकि उपलब्ध जानकारी में निशा भगत की मौत को आत्महत्या बताया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों और मौत की परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

