


Kolkata. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक विधि महाविद्यालय (कॉलेज) की प्रथम वर्ष की 24 वर्षीय छात्रा से संस्थान के भीतर एक पूर्व छात्र और दो वरिष्ठ छात्रों ने कथित तौर पर ”सामूहिक दुष्कर्म” किया. तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीड़िता की चिकित्सा जांच के नतीजे उसके सामूहिक बलात्कार के आरोप की पुष्टि करते हैं.
साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में हुई इस वीभत्स घटना ने पिछले साल अगस्त में शहर के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ हुई बलात्कार और हत्या की घटना की भयावह यादें ताजा कर दीं. कॉलेज के सूत्रों ने बताया कि हालिया घटना का मुख्य आरोपी कॉलेज का पूर्व छात्र है और विडंबना यह है कि वह अलीपुर पुलिस एवं सत्र न्यायालय में आपराधिक मामलों का वकील है. पुलिस ने पुष्टि की है कि दो अन्य आरोपी संस्थान के मौजूदा छात्र हैं और पीड़िता के वरिष्ठ हैं.
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि मुख्य आरोपी को हाल में 45 दिनों की अनुबंध अवधि के लिए संस्थान में अस्थायी गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया था. मुख्य आरोपी के सोशल मीडिया हैंडल से पता चला है कि वह कॉलेज की तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद इकाई का पूर्व अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के छात्र संगठन की दक्षिण कोलकाता शाखा का संगठन सचिव है. सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध मुख्य आरोपी की तस्वीरों में उसे राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के कई नेताओं के साथ देखा जा सकता है.
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने आरोपियों के साथ किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है और आरोपियों के दोषी पाए जाने पर उन्हें ‘कड़ी से कड़ी सजा’ दिए जाने की वकालत की है.
पुलिस ने बताया कि कथित अपराध और उत्पीड़न की घटना 25 जून की शाम को कॉलेज के भूतल पर छात्र संघ कार्यालय के पास एक गार्ड के कमरे के अंदर हुई. पुलिस ने बताया कि पीड़िता को बुधवार को कक्षा के बाद छात्र संघ कार्यालय के बगल में स्थित गार्ड के कमरे में तीन घंटे से अधिक समय तक प्रताड़ित किया गया.
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पीड़िता कुछ लोगों द्वारा बुलाए जाने के बाद कुछ शैक्षणिक फॉर्म भरने के लिए दोपहर बाद कॉलेज पहुंची थी. पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘ कस्बा पुलिस थाने में बृहस्पतिवार को दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार जब उसने मुख्य आरोपी के विवाह प्रस्ताव को ठुकरा दिया तो तीनों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की. इसके बाद उसे सुरक्षाकर्मी के कमरे में घसीटा गया और मुख्य आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया, जबकि उसके दो साथी इस कृत्य में उसकी सहायता कर रहे थे और पहरा दे रहे थे. आरोपियों ने रात करीब 10:30 बजे तक उसके साथ बलात्कार किया. हमने कमरे को सील कर दिया है.
पुलिस अधिकारी ने कहा, पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने धमकी दी कि अगर उसने कुछ कहा तो वे फुटेज इंटरनेट पर जारी कर देंगे. आरोपियों ने पीड़िता के प्रेमी को नुकसान पहुंचाने और उसके माता-पिता को झूठे मामलों में फंसाने की भी धमकी दी.बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि चिकित्सा परीक्षण के परिणाम से पीड़िता के इस आरोप की पुष्टि हुई कि उसके साथ बलात्कार हुआ था. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘पीड़िता के शरीर पर उसके साथ जबरदस्ती करने, काटने के निशान और नाखून से खरोंच के निशान पाए गए हैं.
कॉलेज की उप-प्राचार्य डॉ. नयना चटर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि मुख्य आरोपी को संस्थान के शासी निकाय द्वारा पारित एक प्रस्ताव के आधार पर अनुबंध के तहत पूरी तरह से अस्थायी नियुक्ति दी गई थी डॉ. नयना चटर्जी ने कहा, ‘‘मुझे सुरक्षा गार्ड से सूचना मिली कि पुलिस ने हमारे कॉलेज के दो कमरों को सील कर दिया है. मैं यह पता लगाने की कोशिश कर रही हूं कि आखिर हुआ क्या है. इस व्यक्ति को कॉलेज की शासी निकाय ने पूरी तरह से अस्थायी आधार पर नियुक्त किया था.
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. वाम दलों, भाजपा, कांग्रेस और एआईडीएसओ के समर्थकों की कस्बा पुलिस थाने के बाहर पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हुई. राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने 25 जून की शाम को हुई इस घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए कोलकाता पुलिस से तीन दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.



