


Ghatsila. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को आगामी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को राज्य को ‘बिचौलियों, भ्रष्टाचार और सत्ता के दलालों’ से बचाने की लड़ाई करार दिया. घाटशिला के गुड़ाबांदा मैदान में बूथ स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मरांडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आदिवासियों और स्थानीय लोगों के लिए ‘अबुआ सरकार’ (हमारी सरकार) चलाने का दावा करते हैं लेकिन उनके नेतृत्व वाली सरकार पर लोगों को धोखा दे रही है.
उन्होंने आरोप लगाया, ‘बिचौलियों और माफियाओं का हर क्षेत्र पर नियंत्रण है और विकास कार्य ठप पड़े हैं.
गरीब लोगों को भी घर बनाने के लिए रेत नहीं मिल पा रही है. जब मैं मुख्यमंत्री था, तब रेत सभी के लिए मुफ्त कर दी गई थी, लेकिन 2013 में जब हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने रेत घाटों को दिल्ली, मुंबई और बिहार के दलालों को सौंप दिया.’ मरांडी ने कहा कि पुलिस अब नदियों से रेत उठाने के आरोप में ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लेती है, जबकि बड़े संचालकों को कोई हाथ तक नहीं लगाता.
उपचुनाव को शासन पर जनमत संग्रह बताते हुए मरांडी ने कहा कि घाटशिला के मतदाता स्पष्ट संदेश देंगे कि राज्य को भ्रष्टाचार और शोषण से मुक्त किया जाना चाहिए. मरांडी ने घुसपैठ के कारण राज्य में जनसांख्यिकीय परिवर्तन का भी आरोप लगाया और पुरानी जनगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि आदिवासी आबादी 1951 के 36 प्रतिशत से घटकर 26 प्रतिशत रह गई है, जबकि हिंदू आबादी 88 से घटकर 81 प्रतिशत रह गई है और मुस्लिम आबादी 8.9 से बढ़कर 14.3 प्रतिशत हो गई है.
राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का लंबी बीमारी के बाद अगस्त में दिल्ली में निधन हो जाने के बाद घाटशिला निर्वाचन क्षेत्र इस साल रिक्त हो गया था. इस सीट पर 11 नवंबर को उपचुनाव होगा लेकिन अभी किसी भी दल ने अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं.



