


Jamshedpur.प्रवर्तन निदेशालय(इडी) की टीम ने डीजीसीआइ के साथ मिलकर जीएसटी घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में जांच एजेंसी ने झारखंड के रांची, बोकारो, जमशेदपुर और पश्चिम बंगाल में कुल नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. इडी की टीम ने जमशेदपुर के जुगसलाई नया बाजार स्थित कारोबारी विक्की भालोटिया के आवास समेत अन्य कार्यालयों में छापामारी की है. रांची में एक बड़े बिल्डर के कांके रोड स्थित आवास पर भी इडी द्वारा कार्रवाई की जा रही है.
प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की कई टीमों ने गुरुवार सुबह से रांची, बोकारो और पश्चिम बंगाल में छापेमारी कर रही है. इडी की यह छापेमारी बोकारो में हुए फॉरेस्ट लैंड की अवैध खरीद-बिक्री को लेकर की जा रही है. गुरुवार की सुबह इडी की टीम सबसे पहले रांची के कांके रोड स्थित श्रीराम गार्डन अपार्टमेंट में पहुंची और वहां के एक फ्लैट में छापेमारी शुरु की. रांची में इडी की टीम बिल्डर विवेक नरसरिया के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. सूचना के मुताबिक ईडी की अन्य टीमें पश्चिम बंगाल और बोकारो में भी छापेमारी कर रही है.
क्या है पूरा मामला
इडी के आधिकारिक सूत्रों ने बताया प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार की सुबह झारखंड और पश्चिम बंगाल में जीएसटी चालान बनाने में फर्जीवाड़े से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत छापेमारी की है. इडी को संदेह है कि आरोपियों ने कथित तौर पर 14,325 करोड़ रुपये के फर्जी चालान बनाए, जिसके परिणाम स्वरूप 800 करोड़ रुपये से अधिक के अयोग्य आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) किए गए. इडी के मुताबिक छापेमारी का उद्देश्य धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत अपराध की कथित आय से जुड़े दस्तावेज और संपत्ति जुटाना है.
झारखंड और पश्चिम बंगाल में हैं मास्टरमाइंड के ठिकाने
800 करोड़ रुपए के जीएसटी घोटाले में एजेंसी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुल 9 ठिकानों पर सुबह 7 से ही छापेमारी शुरू की. जीएसटी घोटाले के मास्टरमाइंड झारखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं. जिन्होंने फर्जी दस्तावेज के आधार पर फर्जी कंपनियां बनाकर अनुचित तरीके से लाभ कमाया. झारखंड में एजेंसी की ओर से जीएसटी घोटाले को लेकर यह पहली छापेमारी है. छापेमारी के दौरान विभिन्न ठिकानों से क्या-क्या बरामद हुआ है इसकी अभी सूचना नहीं मिल पाई है.



