


Patna. बिहार मंत्रिमंडल ने अगले पांच वर्षों में ‘एक करोड़ नौकरियों और रोजगार के अवसरों’ के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में श्रम विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई और इस संबंध में संभावनाएं तलाशने और निर्णय लेने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया. मुख्यमंत्री ने रविवार को घोषणा की थी कि “अगले पांच वर्षों (2025 से 2030) के लिए, हम एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसर प्रदान करके 2020-25 के लक्ष्य को दोगुना करने का लक्ष्य रख रहे हैं. इसे प्राप्त करने के लिए, निजी क्षेत्र में विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में नयी नौकरी और रोजगार के अवसर भी पैदा किए जाएंगे. इस उद्देश्य के लिए, एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है. मंत्रिमंडल की बैठक के तुरंत बाद, अतिरिक्त मुख्य सचिव (कैबिनेट सचिवालय) एस सिद्धार्थ ने संवाददाताओं को बताया, राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को श्रम विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके तहत अगले पांच वर्षों (2025-2030) में राज्य के युवाओं को एक करोड़ नौकरियां और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे. सरकार ने इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति गठित करने का भी निर्णय लिया है.मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों के 30 प्रस्तावों को भी मंजूरी दी.
मंत्रिमंडल के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने संवाददाताओं से कहा, मुझे लगता है कि सरकार बेहोशी की हालत में है. वे (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) जानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनावों में जनता उन्हें उखाड़ फेंकेगी. वे सत्ता गंवाने वाले हैं, यह तय है. विधानसभा में विपक्ष के नेता यादव ने कहा, “लोग जानते हैं कि राजग नेता अपने वादे कभी पूरे नहीं करते. चुनाव से पहले वे कोई भी घोषणा कर सकते हैं. मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि एक करोड़ नौकरियों के लिए धन कहां से आएगा. पत्रकारों को यह सवाल पूछना चाहिए.’



