



बिलासपुर: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच रेलवे सैलरी पैकेज (RSP) के तहत किए गए समझौते का लाभ एक बार फिर रेलवे कर्मचारी के परिवार को मिला है। SECR सेंट्रल हॉस्पिटल, बिलासपुर की पूर्व नर्सिंग सुपरिटेंडेंट अमिता पैकरा के निधन के बाद उनके परिवार को कुल ₹1.10 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। यह राशि दुर्घटना मृत्यु बीमा और ग्रुप टर्म इंश्योरेंस के तहत दी गई है।
दुर्घटना मृत्यु बीमा और ग्रुप इंश्योरेंस का मिला लाभ
रेलवे अधिकारियों के अनुसार रेलवे सैलरी पैकेज (RSP) के अंतर्गत कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को कई वित्तीय सुरक्षा लाभ प्रदान किए जाते हैं। इस योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹1 करोड़ का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर तथा ₹10 लाख का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराया जाता है।
अमिता पैकरा के निधन के बाद उनके परिजनों को इन दोनों प्रावधानों के तहत कुल ₹1 करोड़ 10 लाख की राशि स्वीकृत कर प्रदान की गई।
महाप्रबंधक ने परिवार को सौंपा सहायता राशि का चेक
15 जुलाई 2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय, बिलासपुर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित कार्यक्रम में महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने पीड़ित परिवार को सहायता राशि का चेक सौंपा।
इस अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी डॉ. दर्शनिता अहलूवालिया, उप मुख्य कार्मिक अधिकारी (कल्याण) निकिता अग्रवाल, भारतीय स्टेट बैंक के असिस्टेंट जनरल मैनेजर विभंशु वी. जैन, चीफ मैनेजर ज्योत्सना सिंह, चीफ मैनेजर टीना जोशी तथा डिप्टी मैनेजर अंकुश गुप्ता उपस्थित रहे।
रेलवे कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था
रेलवे सैलरी पैकेज (RSP) भारतीय रेलवे और बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से संचालित एक ऐसी योजना है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। दुर्घटना बीमा, ग्रुप टर्म इंश्योरेंस और अन्य बैंकिंग सुविधाओं के माध्यम से कर्मचारियों को व्यापक वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है।
कर्मचारियों के परिवारों को संकट की घड़ी में मिलेगा सहारा
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कहा कि रेलवे सैलरी पैकेज जैसी योजनाएं कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार हैं। संकट की स्थिति में इस तरह की आर्थिक सहायता न केवल परिवार को वित्तीय संबल देती है, बल्कि कर्मचारियों में भी भविष्य को लेकर विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत करती है।


