


Chaibasa. पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने भाजपा के आह्वान पर पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला बंद को लेकर जनता का आभार जताया. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से बंद को सफल बनाने में आम लोगों, व्यापारी वर्ग, वाहन मालिकों और ग्रामीण संगठनों का जो योगदान रहा है, वह सराहनीय है. पूर्व मुख्यमंत्री ने चाईबासा कैफेटेरिया में आयोजित प्रेस वार्ता में यह बत कही. उन्होंने बताया कि सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ जब वे उपायुक्त से मिलने पहुंचे, तब उपायुक्त द्वारा उदासीन व्यवहार किया गया और उपायुक्त के द्वारा नेताओं के प्रति अनुचित टिप्पणी लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है.
मधु कोड़ा ने कहा कि उपायुक्त को जनता के प्रति जवाबदेह रहते हुए लोकहित में कार्य करना चाहिए, न कि जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला व्यवहार करना चाहिए. प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि सामाजिक संगठनों की ओर से उपायुक्त को 24 घंटे का समय दिया गया है कि यदि ग्रामीणों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे फिर से आंदोलन के लिए स्वतंत्र रहेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि झारखंड में सत्ता पक्ष, विशेषकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और जनप्रतिनिधि, जनता के मुद्दों से विमुख होकर केवल राजनीतिक बयानबाज़ी में व्यस्त हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री और उपायुक्त के बीच तीखी बहसबाजी
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, मानकी मुंडा संघ और अन्य आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि उपायुक्त चंदन कुमार से मिलने पहुंचेथे. इस दौरान ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और उपायुक्त के बीच तीखी बहसबाजी हो गई. जानकारी के अनुसार, ज्ञापन सौंपने के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों और नेताओं को लेकर की गई एक टिप्पणी पर मधु कोड़ा नाराज हो गए. उन्होंने कहा कि, नेता की बदौलत ही देश चलता है, नेता की बदौलत ही अधिकारी कुर्सी पर बैठते हैं. और मीडिया देश का चौथा स्तंभ है, उसके साथ गलत व्यवहार उचित नहीं है.



