


Chaibasa. झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता गुरुवार को चाईबासा पहुंचे. यहां उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं. जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं करेंगे, वे मुठभेड़ में मारे जायेंगे. डीजीपी ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में गुरुवार को सरेंडर करने वाले सभी 10 नक्सलियों को विशेष सुविधा के तहत हजारीबाग के स्पेशल ओपन जेल में रखा जायेगा. वे अपने परिवार के साथ मिल-जुल सकेंगे. घर आने-जाने की अनुमति भी रहेगी. डीजीपी गुरुवार को पुलिस केंद्र चाईबासा में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकार की सरेंडर नीति के तहत नक्सलियों को सरकारी लाभ मिलेंगे. गुरुवार को चाईबासा पुलिस केंद्र में डीजीपी व सीआरपीएफ के वरीय अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को माला पहनाकर व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीआरपीएफ आइजी साकेत सिंह, आइजी अभियान माइकल एस राज, आइजी एसटीएफ अनूप बिरथरे, कोल्हान डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा, चाईबासा एसपी अमित रेणु समेत अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी शामिल थे.
इन नक्सलियों ने किया सरेंडर
जिन माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, उनमें भाकपा (माओवादी) के पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो का क्षेत्रीय समिति सदस्य रैंडो बोइपाई उर्फ क्रांति बोइपाई भी शामिल है. बोइपाई के अलावा आज आत्मसमर्पण करने वाले अन्य माओवादियों में गार्डी कोड़ा (20), जॉन उर्फ जोहान प्युरिटी (20), निरसो सिदु उर्फ आशा उर्फ निरशा (20), घोनार देवगम (18), गोमेया कोड़ा उर्फ टार्जन (20), कैरा कोड़ा (20), कैरी कायम उर्फ गुलाची (22), सावित्री गोप उर्फ मुतरी गोप (18) और प्रदीप सिंह मुंडा शामिल हैं.



