

Chakardharpur. चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत राउरकेला–हटिया रेलखंड पर रविवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब विषपुर केबिन के पास एक दंतेल हाथी अचानक रेलवे पटरी पर आ गया। हाथी के पटरी पर आ जाने से इस मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया और कई ट्रेनों को एहतियातन धीमी गति से चलाया गया, जबकि कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोकना भी पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी काफी देर तक पटरी के आसपास मंडराता रहा, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई थी।
इसी बीच स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए शोर-शराबा कर और सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया। ग्रामीणों की तत्परता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। बताया जा रहा है कि यह दंतेल हाथी पिछले करीब दो महीनों से इस इलाके में सक्रिय है और कई बार रेलवे ट्रैक व आसपास के गांवों के पास देखे जाने से रेलकर्मियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

हाथी की गतिविधियों के कारण खासकर रात के समय ट्रेनों के परिचालन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक की निगरानी बढ़ाने के साथ लोको पायलटों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, वन विभाग हाथी की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे आबादी और रेलवे ट्रैक से दूर रखने के उपाय कर रहा है। फिलहाल हाथी के जंगल की ओर लौटने के बाद रेल परिचालन सामान्य कर दिया गया है, लेकिन लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



