


Ranchi. अल्पसूचित प्रश्न पर चर्चा के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सदन को बताया कि दिव्यांग, सहिया और रसोइया अलग-अलग विभाग का मामला है. इसको मंईयां सम्मान योजना से जोड़कर देखना सही नहीं है. विपक्ष की चिंता जायज है कि इनका मानदेय बढ़ना चाहिए. पिछले कार्यकाल में रसोइया के साथ सरकार की वार्ता हुई थी. उस वार्ता में मैं भी था, इसलिए जानकारी है.
रसाेइया को पहले 10 महीने का मानदेय मिलता था. तत्कालीन शिक्षा मंत्री स्व जगरनाथ महतो के कार्यकाल में इनको 12 महीने का मानदेय देने का फैसला हुआ था. इनके मानदेय को बढ़ाने के लिए सरकार ने सहानुभूतिपूर्वक विचार किया. सरकार ने इनका मानदेय दो हजार रुपये से बढ़ाकर तीन हजार रुपये करने का फैसला लिया था.



