



Ranchi. पलामू जिले में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गैंगस्टर अमन साव को मार गिराया. यह मुठभेड़ उस समय हुई जब गैंगस्टर अमन साव के गिरोह के सदस्य उसे पुलिस हिरासत से छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे. मुठभेड़ की यह घटना मंगलवार सुबह उस समय हुई जब 150 से अधिक मामलों में आरोपी और कुछ मामलों में दोषी ठहराए गए गैंगस्टर को छत्तीसगढ़ की रायपुर जेल से रांची लाया जा रहा था. झारखंड के डीजीपी गुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अमन साव उर्फ अमन साहू को रायपुर से रांची लाया जा रहा है. महानिरीक्षक (आईजी) ऑपरेशन अमोल होमकर घटनास्थल पर पहुंच गए हैं.

सरयू राय ने उठाया एनकाउंटर का मुद्दा
विधानसभा में मंगलवार को सदन की कार्यवाही के 11 वें दिन गैंगस्टर अमन साव के एनकाउंटर का मामला उठा है. जदयू विधायक सरयू राय ने इस मामले पर सरकार से सपष्टीकरण मांगा है. उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि कैसे उसका एनकाउंटर हुआ है, इसकी पूरी डिटेल्स जानकारी सदन में रखनी चाहिए. वहीं, मंत्री ने कहा कानून व्यवस्था से ऊपर उठने वालों को हमारी पुलिस सख्ती से निपटेगी. सोमवार को पलामू में गैंगेस्टर अमन साव पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो गया. सदन में जमशेदपुर पश्चिमी से विधायक सरयू राय ने कहा कि आज के सभी मीडियो चैनलों में प्रमुखता से खबर आयी कि अपराधी अमन साव को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया. सरकार को इस पूरी घटना पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. वहीं, इस मामले पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि झारखंड में कानून का राज है. पुलिस अपने तरीके से लड़ रही है. आत्मरक्षा में गोली चलाना गलत नहीं है. जो कानून व्यवस्था से बड़े बनेंगे, उसे हमारी पुलिस और सरकार सख्ती से निपटेगी.

डीजीपी अनुराग गुप्ता ने एक दिन पहले यह कहा था
राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता ने एक दिन पहले कहा था कि झारखंड में अधिकतर अपराध की साजिशें जेलों के अंदर रची जाती हैं और आपराधिक गिरोहों की मदद से उसे अंजाम दिया जाता है। उनके इस बयान के एक दिन बाद यह घटना सामने आई है. डीजीपी ने सोमवार को कहा था, ‘‘तीन गैंगस्टर – विकास तिवारी, अमन श्रीवास्तव और अमन साव – जेलों के अंदर से आपराधिक साजिशों को अंजाम दे रहे हैं. सिमडेगा और हजारीबाग जेलों में छापेमारी की गई है.
घटनास्थल पुलिस छावनी में तब्दील
पलामू में जहां पर गैंगस्टर अमन साव मारा गया, उस जगह को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. किसी को भी वहां पर आने जाने की इजाजत नहीं है. वरीय पुलिस पदाधिकारियों को बुलाया गया है. उसका नाम हाल ही में रांची के कोयला कारोबारी विपिन मिश्रा और हजारीबाग एनटीपीसी के डीजीएम कुमार गौरव पर हुई गोलीबारी में आया था. इसी सिलसिले में उससे पूछताछ के लिए रांची लाया जा रहा था. हालांकि अभी तक इस पूरे मामले में पुलिस के किसी अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है.



