



Avion. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को फ्रांस के एवियॉन में जी7 सम्मेलन के दौरान एक दूसरे का अभिवादन किया और संक्षिप्त बातचीत की। द्विपक्षीय संबंधों में जारी तनाव के बीच, 16 महीनों में दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। मोदी और ट्रंप गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए दिखे और उसके बाद उन्होंने थोड़ी बातचीत भी की। दोनों नेताओं की बुधवार को सम्मेलन के इतर द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। तत्काल यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने क्या बातचीत की। पिछले साल फरवरी में प्रधानमंत्री के अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने के लिए वॉशिंगटन जाने के बाद से मोदी और ट्रंप की यह पहली मुलाकात थी। दोनों नेताओं की बुधवार को होने वाली बैठक के दौरान द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए चल रही बातचीत और रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों सहित संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा किये जाने की उम्मीद है।
ट्रंप द्वारा मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाने के दावे किये जाने और अमेरिका की ओर से भारत पर दंडात्मक शुल्क लगाए जाने के बाद नयी दिल्ली-वाशिंगटन के रिश्तों में भारी गिरावट आई। भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष रुकने के बाद ट्रंप ने बार-बार और सार्वजनिक रूप से दावा किया कि उन्होंने दो पड़ोसी देशों के बीच सैन्य टकराव को सुलझाया है और लाखों लोगों की जान बचाई है, क्योंकि मामला पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ रहा था। भारत का स्पष्ट रुख है कि सैन्य संघर्ष नयी दिल्ली-इस्लामाबाद की बातचीत की वजह से रुका और इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। अमेरिका की नयी आव्रजन नीति और एच1बी वीजा शुल्क बढ़ाने के फैसले ने भी भारत-अमेरिका संबंधों में गिरावट में योगदान दिया।



