


Patna. पटना स्थित पारस अस्पताल में हथियारबंद कुछ लोगों ने पैरोल पर जेल से बाहर आए एक हत्याभियुक्त गैंगस्टर को बृहस्पतिवार को गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस ने यह जानकारी दी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान बक्सर जिले के निवासी चंदन मिश्रा (36) के रूप में हुई है और वह इलाज के लिए अस्पताल गया था.पुलिस के मुताबिक उसने सभी आरोपियों की पहचान कर ली है और घटना के सिलसिले में पटना और बक्सर से छह संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. घटना का कथित सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है जिसमें दिख रहा है कि पांच हथियारबंद लोग अस्पताल के आईसीयू में घुस रहे हैं और व्यक्ति पर गोलियां चला रहे हैं. पुलिस महानिरीक्षक मध्य रेंज (पटना) जितेंद्र राणा ने कहा, आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीम बनाई गई हैं. पुलिस ने चंदन मिश्रा की हत्या में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर ली है. घटना के सिलसिले में पटना और बक्सर से कम से कम छह लोगों को हिरासत में लिया गया है.
पुलिस अधीक्षक पटना (मध्य) दीक्षा ने कहा, हम अस्पताल अधिकारियों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और हत्यारों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि हत्या के एक मामले में दोषी चंदन मिश्रा बेउर जेल में बंद था और पैरोल पर इलाज के लिए अस्पताल गया था. वह 12 से अधिक हत्या के मामलों सहित 24 आपराधिक मामलों में संलिप्त था. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है. उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है.उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पुरानी रंजिश का मामला प्रतीत होता है.
विपक्ष नीतीश सरकार पर हुआ हमलावर
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया, ‘‘सरकारी अपराधियों ने अस्पताल में भर्ती मरीज को आईसीयू में घुसकर मारी गोली. बिहार में कोई भी कहीं भी सुरक्षित नहीं? 2005 से पहले ऐसे होता था?
पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी आरोप लगाया कि इस गोलीबारी ने नीतीश कुमार सरकार की पोल खोल दी है. उन्होंने दावा किया, ‘राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है. मैं राज्यपाल से मिलकर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करूंगा. अपराधियों को उनकी जाति के आधार पर मारा जा रहा है.यादव अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया. यादव ने बाद में दावा किया कि उन्हें शाम को एक गुमनाम व्यक्ति का कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने उन्हें अस्पताल में हुई हत्या की घटना से दूरी बनाए रखने को कहा.



